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Balod: जल जीवन मिशन के काम में भ्रष्टाचार, टैंक में लीकेज होने के बावजूद विभाग ने जारी कर दी दूसरी किस्त
Tue, 31 Dec 2024 04:28 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 31 Dec 2024 04:28 PM IST
मौके से स्पष्ट दिख रहा था कि किस तरह टंकी में लीकेज है लेकिन पता नहीं क्यों टंकी में खामियां होने के बावजूद भी विभाग ने उस ठेकेदार को भुगतान कर दिया। वहीं दुर्दशा से लोगों में आक्रोश है।
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टैंक में लीकेज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बालोद जिले के ग्राम घुमका में जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का जीता जागता सबूत देखने को मिल रहा है। यहां पर जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं जहां से पानी का लीकेज शुरू हो गया है। महज दो वर्ष में यहां दो बार मरम्मत हो चुकी है। बावजूद इसके पानी का लीकेज थम नहीं रहा, लेकिन ठेकेदार को भुगतान करने में संबंधित विभागीय जिम्मेदारों ने बिल्कुल भी देरी नहीं की, जिसके कारण भुगतान पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पंच सरपंच सभी को अवगत करा दिया गया है लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मामले में एसडीओ सुरेश वर्मा ने बताया कि यहां पर ठेकेदार का भुगतान रुका हुआ है और उन्होंने जल्दी से पूरे काम को सुधारने की बात कही।
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मौके पर पहुंच कर देखा गया तो पता चला कि वहां के सरपंच गांव से बाहर रहते हैं, जिसके कारण समय पर लोगों का काम भी नहीं हो पता है। उनके पति से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गुरुर में रह रही हैं और वो विकास खंड चिकित्सा कार्यालय में नौकरी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी कभी गांव में रहती हैं कभी बाहर। वहीं गांव में टंकी निर्माण को लेकर काफी असंतोष है, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यहां पर जब भी कोई बात होती है तो तो उन्हें नेतृत्व की तलाश होती है सरपंच भी ज्यादातर गांव में रहते नहीं है।
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एसडीओ बोले: पुराना है वीडियो, स्थिति जस की तस
सब डिविजनल ऑफीसर सुरेश वर्मा ने बताया कि यह वीडियो पुराना है। ग्राम के ही प्रेम साहू ने बताया कि यह वीडियो आज का है। मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंचे थे और मौके से स्पष्ट दिख रहा था कि किस तरह टंकी में लीकेज है लेकिन पता नहीं क्यों टंकी में खामियां होने के बावजूद भी विभाग ने उस ठेकेदार को भुगतान कर दिया। अब ग्रामीणों को पेयजल की चिंता सता रही है, जब दरार अंदर तक पहुंच गई है तो मरम्मत से क्या उसे नियंत्रण में लाया जा सकेगा? यह भी एक बड़ा सवाल है। वहीं अधिकारी ने यहां तक भी कहा कि अभी तो 10% राशि उसकी जमा है।
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