{"_id":"6a8f7c790a647c2cb10ff2ec","slug":"rice-prices-rise-export-reaches-three-year-high-500-pulses-procurement-centres-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगा हुआ चावल: दाम में 15 फीसदी उछाल, निर्यात ने फिर भी पकड़ी रफ्तार; दाल खरीद के लिए खुलेंगे 500 केंद्र","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
महंगा हुआ चावल: दाम में 15 फीसदी उछाल, निर्यात ने फिर भी पकड़ी रफ्तार; दाल खरीद के लिए खुलेंगे 500 केंद्र
Thu, 27 Aug 2026 05:23 AM IST
Devesh Tripathi
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 27 Aug 2026 05:23 AM IST
घरेलू बाजार में चावल की कीमतों में हालिया तेजी के बीच भारत के निर्यात कारोबार में भी मजबूती देखने को मिली है। नवंबर 2025 से मार्च 2026 के दौरान बासमती और गैर-बासमती चावल की विदेशों में आपूर्ति 47.9 लाख टन रही। इसी अवधि में खुदरा बाजार में कई किस्मों के दाम बढ़े, जिसमें प्रीमियम बासमती सबसे अधिक महंगा हुआ। उधर, दलहन किसानों को फसल बेचने में सुविधा देने के लिए नैफेड और एनसीसीएफ देशभर में 500 नए खरीद केंद्र शुरू करने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन
चावल निर्यात
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एक तरफ जहां देश में चावल के दाम में तेजी आ रही है, वहीं इसके निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 26 प्रमुख उपभोक्ता देशों को भारत का चावल निर्यात सिर्फ पांच महीनों तीन साल की नई उचाई पर आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच बासमती और गैर-बासमती चावल का कुल निर्यात 23,476 करोड़ रुपये और 47.9 लाख टन तक पहुंच गया।
पश्चिम एशिया संकट के कारण खाड़ी क्षेत्रों में चावल का आयात घट गया है। इसके बावजूद भारत का निर्यात प्रभावित नहीं हुआ है। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के अनुसार, पिछले तीन वर्षों की इसी अवधि (नवंबर-मार्च) के औसत की तुलना में निर्यात मूल्य में 1.1 प्रतिशत और मात्रा में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
15% बढ़े दाम तीन हफ्ते में
पिछले दो-तीन हफ्तों में चावल की खुदरा कीमतों में करीब 15 फीसदी की तेजी आई है। कई किस्मों के चावल 15-20 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो गए हैं। सबसे अधिक तेजी प्रीमियम बासमती में देखी जा रही है। इसका भाव 85 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। साधारण और परमल चावल की किस्मों में भी प्रति क्विंटल 100 से 500 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
विज्ञापन
दालों की खरीद के लिए खुलेंगे 500 नए केंद्र
दलहन उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने और बिक्री की परेशानियों से बचाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नैफेड) और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड दोनों मिलकर देशभर में 500 नए केंद्र खोलेंगे। ये दोनों एजेंसियां किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधा दालों की खरीद करेंगी।
नैफेड के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार के मुताबिक, खरीफ सीजन की दालें जल्द बाजार में आने वाली हैं। इन केंद्रों पर अरहर के साथ ही चना और उड़द जैसी प्रमुख दालों की खरीद होगी। दाल उत्पादन वाले राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश प्रमुख रूप से शामिल हैं। नैफेड देश के करीब 50 जिलों में किसानों के बीच अभियान चलाकर पोर्टल पर उनका पंजीकरण कराएगा।
विज्ञापन
पश्चिम एशिया संकट के कारण खाड़ी क्षेत्रों में चावल का आयात घट गया है। इसके बावजूद भारत का निर्यात प्रभावित नहीं हुआ है। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के अनुसार, पिछले तीन वर्षों की इसी अवधि (नवंबर-मार्च) के औसत की तुलना में निर्यात मूल्य में 1.1 प्रतिशत और मात्रा में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
विज्ञापन
15% बढ़े दाम तीन हफ्ते में
पिछले दो-तीन हफ्तों में चावल की खुदरा कीमतों में करीब 15 फीसदी की तेजी आई है। कई किस्मों के चावल 15-20 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो गए हैं। सबसे अधिक तेजी प्रीमियम बासमती में देखी जा रही है। इसका भाव 85 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। साधारण और परमल चावल की किस्मों में भी प्रति क्विंटल 100 से 500 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
विज्ञापन
दालों की खरीद के लिए खुलेंगे 500 नए केंद्र
दलहन उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने और बिक्री की परेशानियों से बचाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नैफेड) और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड दोनों मिलकर देशभर में 500 नए केंद्र खोलेंगे। ये दोनों एजेंसियां किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधा दालों की खरीद करेंगी।
नैफेड के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार के मुताबिक, खरीफ सीजन की दालें जल्द बाजार में आने वाली हैं। इन केंद्रों पर अरहर के साथ ही चना और उड़द जैसी प्रमुख दालों की खरीद होगी। दाल उत्पादन वाले राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश प्रमुख रूप से शामिल हैं। नैफेड देश के करीब 50 जिलों में किसानों के बीच अभियान चलाकर पोर्टल पर उनका पंजीकरण कराएगा।