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Bihar News: छात्रों की परेशानी अब नहीं रहेगी अनसुनी, नालंदा के 54 शिक्षण संस्थानों में पहुंचेगा प्रशासन

Tue, 25 Aug 2026 07:51 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 25 Aug 2026 07:51 AM IST
सार
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नालंदा जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए नई पहल शुरू की है। जिले के 54 प्रमुख सरकारी डिग्री कॉलेजों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, मेडिकल एवं तकनीकी संस्थानों और कल्याण छात्रावासों में हर महीने के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ लगाया जाएगा।

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nalanda student sahayog shivir 54 educational institutions hostels district administration helpline 1100
नालंदा में छात्रों की समस्याओं के समाधान की नई व्यवस्था - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नालंदा: जिले के शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान, सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए नालंदा जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के 54 प्रमुख सरकारी डिग्री कॉलेजों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, मेडिकल एवं तकनीकी संस्थानों और कल्याण छात्रावासों में हर महीने के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ लगाया जाएगा। शिविर में प्रशासनिक और संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। अधिकारी विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और शैक्षणिक, छात्रावास तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का 30 दिनों के भीतर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करेंगे। विद्यार्थियों की मदद के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया है।

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डिग्री कॉलेजों और कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में पहुंचेगी प्रशासनिक टीम

इस पहल के तहत जिले के प्रमुख और नए स्थापित डिग्री कॉलेजों को शामिल किया गया है। इनमें किसान कॉलेज (सोहसराय), नालंदा कॉलेज (बिहारशरीफ), एस.पी.एम. कॉलेज (उदंतपुरी), नालंदा महिला कॉलेज, एस.यू. कॉलेज (हिलसा) और राजगीर डिग्री कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा बिंद, कराईपरसुराय, कतरीसराय, नगरनौसा, नूरसराय, परवलपुर, रहुई, सरमेरा और थरथरी के नव-स्थापित डिग्री कॉलेजों में भी प्रशासनिक टीम पहुंचेगी।

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छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए जिले के 20 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। इनमें अस्थावां, बेन, बिहारशरीफ, बिंद, चंडी, एकंगरसराय, गिरियक, हरनौत, हिलसा, इस्लामपुर, कराईपरसुराय, कतरीसराय, नगरनौसा, नूरसराय, परवलपुर, रहुई, राजगीर, सरमेरा, सिलाव और थरथरी के विद्यालय शामिल हैं। यहां प्रशासनिक अधिकारी सीधे पहुंचकर छात्राओं से बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे।

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मेडिकल और तकनीकी संस्थानों में भी लगेगा शिविर

प्रशासन की यह व्यवस्था उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी लागू रहेगी। इसके तहत भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स), पावापुरी के मेडिकल, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और डी.फार्मा परिसर में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इसके साथ ही पैठना (रहुई) स्थित राजकीय दंत महाविद्यालय, बिहारशरीफ और इस्लामपुर के एएनएम स्कूल, राजकीय पॉलिटेक्निक अस्थावां तथा कल्याण बिगहा, हिलसा, राजगीर और सरमेरा स्थित राजकीय आईटीआई संस्थानों में भी अधिकारियों की टीम विद्यार्थियों की समस्याएं सुनेगी।

छात्रावासों की समस्याओं का भी होगा समाधान

जिले के कल्याण छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी इस पहल का सीधा लाभ मिलेगा। खंदकपर स्थित डॉ. आंबेडकर कल्याण छात्रावास संख्या-1 और 2, बी.बी. सोगरा अल्पसंख्यक बालक छात्रावास, इस्लामपुर स्थित आंबेडकर छात्रावास, दीपनगर स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास और राणा बिगहा स्थित अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास के अंत:वासियों की समस्याएं भी शिविर में सुनी जाएंगी।

इन छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को अब बिजली, पानी, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रशासनिक अधिकारी शिविर के दौरान मौके पर ही समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करेंगे।

30 दिनों के भीतर शिकायतों के निपटारे का लक्ष्य

विद्यार्थी सहयोग शिविर के जरिए प्रशासन का उद्देश्य छात्रों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक, छात्रावास और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का 30 दिनों के भीतर प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया है। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए विद्यार्थी हेल्पलाइन नंबर 1100 पर संपर्क कर सकेंगे। जिला प्रशासन की इस पहल से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आसान और सीधा माध्यम मिलने की उम्मीद है।

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