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E Waste Management: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू ने ई-कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए केंद्र से मांगी राशि
Thu, 26 May 2022 02:15 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, पटना।
पीटीआई, पटना।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 26 May 2022 02:15 AM IST
बिहार विधानपरिषद के पूर्व सदस्य नंदन ने कहा कि ई-कचरे के मुद्दे पर केंद्र सरकार को पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति करीब 100 से 200 ग्राम ई-कचरा निकलता है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स कचरा (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश प्रवक्ता रणबीर नंदन ने बुधवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्ट (ई-कचरे) के प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार राशि उपलब्ध कराए।
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बिहार विधानपरिषद के पूर्व सदस्य नंदन ने कहा कि ई-कचरे के मुद्दे पर केंद्र सरकार को पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति करीब 100 से 200 ग्राम ई-कचरा निकलता है। रणबीर ने कहा कि एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में बिहार में प्रतिवर्ष एक लाख टन से अधिक ई-कचरा निकल रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस खतरे को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही भांप लिया था और 2013 में ही उन्होंने ई-कचरे का आंकलन शुरू कराया। रणबीर ने कहा कि उस समय आई रिपोर्ट में बिहार के महज चार शहरों में 23 हजार टन से अधिक ई-कचरा फेंका जा रहा था। उन्होंने कहा कि उत्तर, दक्षिण और मध्य बिहार में 445 किलोमीटर में गंगा की धारा बहती है और ई-कचरे से वह प्रदूषित हो रही है।
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रणबीर ने कहा कि गंगा राष्ट्रीय धरोहर है उसमें ई-कचरा न जाए, ऐसी योजना बनाने के लिए केंद्र सरकार बिहार राज्य को राशि उपलब्ध कराए ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक, इस साल के अंत तक 1.25 लाख टन ई-कचरे का उत्सर्जन होना है। वर्तमान में कचरा संग्रह के लिए राज्य में 150 से अधिक कचरा संग्रह केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक कचरा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों को दी गई है।
रणबीर ने कहा कि ऐसे में इसके निस्तारण की समुचित योजना केंद्र सरकार और इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के स्तर पर करनी होगी। उन्होंने कहा कि ‘जल जीवन हरियाली’ योजना के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों को विकसित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि बिहार में जितने प्रयास मुख्यमंत्री ने किए हैं उसे मॉडल बनाते हुए पूरे देश के ई-कचरे के निस्तारण की योजना बनानी होगी।