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बिहार: AI से स्मार्ट होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पतालों में रियल टाइम दिखेगी बेड की जानकारी; पढ़िए पूरी खबर
Thu, 10 Sep 2026 04:37 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Thu, 10 Sep 2026 04:37 AM IST
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को स्मार्ट बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। मंत्री निशांत कुमार ने समीक्षा बैठक कर कई दिशा निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग में कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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मंत्री निशांत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में मरीजों को समय पर सही अस्पताल और विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति में मरीज रेफरल प्रणाली, स्मार्ट एंबुलेंस, दूरस्थ चिकित्सा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की समीक्षा की। उन्होंने रेफरल व्यवस्था को सॉफ्टवेयर से जोड़ने और 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत करने के निर्देश दिए।
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एंबुलेंस से ही कंट्रोल सेंटर तक पहुंचेगी मरीज की जानकारी
आपातकालीन रेफरल के मामलों में एंबुलेंस में ही मरीज के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। यह जानकारी डैशबोर्ड के माध्यम से संबंधित नियंत्रण केंद्र तक पहुंचेगी। इसके आधार पर मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे उपयुक्त अस्पताल भेजने में मदद मिलेगी।
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अस्पतालों में रियल टाइम दिखेगी बेड की उपलब्धता
स्वास्थ्य विभाग 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को अस्पतालों के आपातकालीन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अस्पतालों में उपलब्ध बेड की जानकारी रियल टाइम डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगी। मरीज की स्थिति और उपलब्ध बेड के आधार पर उपयुक्त अस्पताल का चयन किया जा सकेगा।
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पीएमसीएच, एम्स, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस में पायलट प्रोजेक्ट
इस व्यवस्था के पायलट प्रोजेक्ट के लिए पीएमसीएच, एम्स, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। एंबुलेंस में उपलब्ध कियोस्क के जरिए सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता और मरीज की वर्तमान लोकेशन संबंधित अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के साथ क्यूआर कोड आधारित बेड प्रबंधन और बेड की रियल टाइम एंट्री सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मरीज के खान-पान की जानकारी भी होगी महत्वपूर्ण
समीक्षा बैठक में मरीजों के खान-पान से जुड़ी जानकारी को भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों में शामिल करने का निर्देश दिया गया। यह जानकारी एएनएम, आशा और जीविका दीदी के माध्यम से जुटाई जाएगी। इसके अलावा आयुष चिकित्सकों से प्रभावी दवाओं से संबंधित जानकारी भी संकलित की जाएगी।
104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने पर होगा अध्ययन
स्वास्थ्य मंत्री ने 104 कॉल सेंटर के प्रचार-प्रसार और कॉल फॉलो-अप को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने 104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से दूरस्थ चिकित्सा सेवाओं को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इसलिए इस पर फोकस करने की जरूरत है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से और स्मार्ट होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। मरीजों के आंकड़ों का बेहतर उपयोग कर निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने मरीज रेफरल प्रणाली, स्मार्ट एंबुलेंस, दूरस्थ चिकित्सा और एआई आधारित व्यवस्थाओं को आपस में जोड़कर ऐसी तकनीकी प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों को समय पर सही अस्पताल और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा सके।