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Flush Door Handles: क्या हैं कार फ्लश डोर हैंडल्स? डिजाइन का नया ट्रेंड, लेकिन सुरक्षा चिंता बढ़ी
Tue, 18 Nov 2025 10:57 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 18 Nov 2025 10:57 PM IST
फ्लश डोर हैंडल्स कारों को मॉडर्न, स्टाइलिश और एरोडायनामिक दिखाते हैं, लेकिन इनके साथ इमरजेंसी सुरक्षा एक बड़ी चिंता है।
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Car Flush Door Handles
- फोटो : AI
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विस्तार
ऑटोमोबाइल डिजाइन लगातार बदल रहा है, और कार कंपनियां आजकल ज्यादा स्मूथ और एरोडायनामिक लुक के लिए नए-नए फीचर्स अपना रही हैं। इसी ट्रेंड के तहत कई गाड़ियों में फ्लश डोर हैंडल्स इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यानी ऐसे हैंडल जो बॉडी से बाहर निकले हुए नहीं होते, बल्कि दरवाजे के साथ फ्लश रहते हैं। भारत में टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां इनका इस्तेमाल बड़ी तेजी से बढ़ा रही हैं।
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क्या हैं फ्लश डोर हैंडल्स
फ्लश डोर हैंडल्स दरवाजे की सतह के अंदर फिट होते हैं, इसलिए बाहर से दिखाई नहीं देते।
इनका उद्देश्य है:
इसे शुरू में इलेक्ट्रिक कारों के लिए अपनाया गया था। लेकिन अब ये पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों में भी आ रहा है। जैसे टाटा अल्ट्रोज और महिंद्रा XUV700 एसयूवी।
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फ्लश डोर हैंडल्स दरवाजे की सतह के अंदर फिट होते हैं, इसलिए बाहर से दिखाई नहीं देते।
इनका उद्देश्य है:
- कार को मॉडर्न और प्रीमियम लुक देना
- एरोडायनामिक्स सुधारना
- बॉडी लाइन्स को क्लीन रखना
इसे शुरू में इलेक्ट्रिक कारों के लिए अपनाया गया था। लेकिन अब ये पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों में भी आ रहा है। जैसे टाटा अल्ट्रोज और महिंद्रा XUV700 एसयूवी।
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डिजाइन जितना स्मार्ट, सेफ्टी उतनी मुश्किल
फ्लश डोर हैंडल देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ गंभीर सेफ्टी रिस्क भी जुड़े हैं:
1. इलेक्ट्रॉनिक फेल्योर यानी दरवाजा नहीं खुलेगा
ये हैंडल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से चलते हैं। अगर कार की बैटरी खराब हो जाए या सिस्टम फेल हो जाए, तो हैंडल बाहर नहीं आएंगे।
अंदर बैठे लोग फंस सकते हैं
रेस्क्यू टीम को दरवाजा खोलने में दिक्कत होगी
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फ्लश डोर हैंडल देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ गंभीर सेफ्टी रिस्क भी जुड़े हैं:
1. इलेक्ट्रॉनिक फेल्योर यानी दरवाजा नहीं खुलेगा
ये हैंडल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से चलते हैं। अगर कार की बैटरी खराब हो जाए या सिस्टम फेल हो जाए, तो हैंडल बाहर नहीं आएंगे।
अंदर बैठे लोग फंस सकते हैं
रेस्क्यू टीम को दरवाजा खोलने में दिक्कत होगी
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2. इमरजेंसी में इस्तेमाल करना मुश्किल
कंपनियां बैकअप मैनुअल रिलीज देती हैं, लेकिन:
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कंपनियां बैकअप मैनुअल रिलीज देती हैं, लेकिन:
- वो छिपी होती हैं
- एक्सीडेंट या पैनिक में उन्हें ढूंढना बहुत मुश्किल होता है
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3. चोट का खतरा
कई मामलों में हैंडल को जोर से निकालते समय उंगलियां फंसने और चोट लगने की शिकायतें मिली हैं।
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कई मामलों में हैंडल को जोर से निकालते समय उंगलियां फंसने और चोट लगने की शिकायतें मिली हैं।
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4. एक्सीडेंट और पानी में फेल होने का खतरा
अगर साइड इम्पैक्ट या भयंकर बारिश के दौरान सिस्टम खराब हो जाए:
फ्लश डोर हैंडल्स कारों को मॉडर्न, स्टाइलिश और एरोडायनामिक दिखाते हैं, लेकिन इनके साथ इमरजेंसी सुरक्षा एक बड़ी चिंता है। अगर ऑटोमोकर इन्हें अपनाते रहेंगे, तो बेहतर बैकअप सिस्टम, मैनुअल मैकेनिज्म और रेगुलेशन की जरूरत होगी ताकि डिजाइन सेफ्टी पर भारी न पड़े।
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अगर साइड इम्पैक्ट या भयंकर बारिश के दौरान सिस्टम खराब हो जाए:
- हैंडल काम करना बंद कर सकते हैं
- पानी से शॉर्ट सर्किट हो सकता है
- दरवाजा लॉक हो सकता है
फ्लश डोर हैंडल्स कारों को मॉडर्न, स्टाइलिश और एरोडायनामिक दिखाते हैं, लेकिन इनके साथ इमरजेंसी सुरक्षा एक बड़ी चिंता है। अगर ऑटोमोकर इन्हें अपनाते रहेंगे, तो बेहतर बैकअप सिस्टम, मैनुअल मैकेनिज्म और रेगुलेशन की जरूरत होगी ताकि डिजाइन सेफ्टी पर भारी न पड़े।
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