पिथौरागढ़ में हमेशा विवादों में रहा सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज फिर से चर्चाओं में आया है। यहां बमुश्किल निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसमें भी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। डीएम ने खुद निरीक्षण कर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। दरअसल, वर्ष 2011 में सीमांत जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा देने के लिए सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई। तब केनयू जीआईसी और आईटीआई पुनेड़ी में कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया। मड़धूरा में 14 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद यहां सुरक्षा दीवारें ढह गईं तो इसका काम रोक दिया गया। यहां कॉलेज का संचालन न होने से करोड़ों से बने भवन भी जर्जर हो गए। बमुश्किल पिछले वर्ष यहां सुरक्षात्मक कार्य के साथ ही नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। फिर से इस पर सवाल उठे हैं। शनिवार को डीएम आशीष कुमार भटगांई ने इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य और इसमें उपयोग में लाई जा रही सामग्री पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सही निर्माण सामग्री का प्रयोग नहीं हो रहा है। गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा।