श्रीनगर। उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में अब साइनस रोग से परेशान मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अस्पताल में शुक्रवार से साइनस की आधुनिक दूरबीन विधि से सर्जरी शुरू हो गई है। पहले ही दिन दो मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। इससे पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल दत्त ने बताया कि लगातार सिरदर्द, छींक आना, नाक बंद रहना, आंखों पर भारीपन, चेहरे में हल्का दर्द या सुन्नपन जैसे लक्षण साइनस बीमारी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे मरीजों की जांच अस्पताल में एंडोस्कोपी और सीटी स्कैन के माध्यम से की जाती है। इससे नाक के भीतर संक्रमण या रुकावट की सही स्थिति का पता चलता है। इसके बाद दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि उपजिला चिकित्सालय में पहली बार इस प्रकार की सुविधा शुरू होने से मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। पहले मरीजों को इस ऑपरेशन के लिए अन्य बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। डॉ. दत्त ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही कान के पर्दे में छेद, नाक की टेढ़ी हड्डी और आंखों से लगातार पानी आने जैसी समस्याओं के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अब तक करीब 200 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं। साइनस सर्जरी शुरू होना अस्पताल के लिए एक नई उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को दो साइनस मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद मरीजों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है।