नैनीताल के संवेदनशील शेरवानी क्षेत्र में सुरक्षा दीवार से छेड़छाड़ के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय निवासियों के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हटाई गई सुरक्षा दीवार को तत्काल दोबारा लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्य को सील कर और संबंधित लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि वर्ष 1987 में नयना पीक (चाइना पीक) से भारी मात्रा में मलबा गिरने से शेरवानी क्षेत्र और ब्रूकहिल हॉस्टल (वर्तमान ए.जी. ऑफिस) को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने आपदा मद से इस क्षेत्र में सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हीं दीवारों ने अब तक क्षेत्र को बड़े खतरे से बचाए रखा है। क्षेत्रीय निवासी मयंक मेहरा ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति की ओर से संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा दीवार हटाकर लोगों की जान-माल को खतरे में डाला गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जहां निर्माण कार्य प्रतिबंधित है, वहां इतनी निर्माण सामग्री कैसे पहुंच रही है। मामले में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पहले ही जांच के निर्देश दिए थे। जिसके चलते मंगलवार की सुबह एसडीएम नवाजिश खलिक ने लोनिवि के अधिकारियों की ओर से क्षेत्र में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा दीवार को तोड़कर एक व्यक्ति की ओर से बिना अनुमति अवैध निर्माण किया जा रहा है। एसडीएम नवालिश खलिक ने बताया कि मौके पर ही निर्माण कार्य को रोककर सील कर दिया गया है। अधिकारियों को चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं तोड़ी गई दीवार को दोबारा पूर्व की तरह बनाने के भी निर्देश दिए हैं।