चंपावत नगर में सातूं-आठूं पर्व की धूम शुरू हो गई है। मल्लीहाट और ज्ञालीसेरान में गौरा महोत्सव के तहत गौरा महेश्वर की विधिवत स्थापना की गई। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मल्लीहाट में मल्ली हाट निवासी जानकी बिष्ट के आवास पर गौरा महेश्वर की स्थापना की गई। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गोरलचौड़ क्षेत्र से गौरा महेश्वर की प्रतिमा लेकर मल्लीहाट पहुंचीं। महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व की शुरुआत की। यह परंपरा करीब 30 साल से संजोई जा रही है। वहीं, ज्ञालीसेरान में पिछले करीब 50 वर्षों से सातूं-आठूं पर्व की परंपरा को निभा रहे हैं। इसी क्रम में पवेत निवासी चंद्रशेखर पांडे के ज्ञालीसेरान स्थित आवास में गौरा महेश्वर की स्थापना की गई। इसके बाद गौरा महेश्वर को मंगल गीतों के साथ उमा पांडे के आवास तक ले जाया गया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर पर्व की खुशियां मनाईं।