सुल्तानपुर का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़ा हुआ था। वह मुख्तार गैंग का शार्प शूटर माना जाता था और मुख्तार के करीबी रहे मुन्ना बजरंगी से भी उसके गहरे संबंध थे। जब मुन्ना बजरंगी सुल्तानपुर जेल में बंद था, तब सिराज उससे मिलने जाया करता था। कुछ बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।
पूर्वांचल का शातिर अपराधी प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी, जो गाजीपुर विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी था, मिर्जापुर जेल में बंद था। 10 अप्रैल 2013 को प्रशासनिक आधार पर उसे जिला कारागार सुल्तानपुर स्थानांतरित किया गया। इस दौरान सुल्तानपुर जेल से मुख्तार अंसारी से जुड़े कई अवैध धंधे संचालित होने लगे। रंगदारी, वसूली, टावर कब्जा, रेलवे, लोक निर्माण विभाग और हाईवे के टेंडर जेल से ही मैनेज किए जाते थे। इसी समय जिले के कई अपराधियों की नजदीकियां मुख्तार गैंग से बढ़ीं।
24 सितंबर 2015 को कड़ी सुरक्षा के बीच मुन्ना बजरंगी को सुल्तानपुर जेल से झांसी जेल भेज दिया गया। हाजी मुन्ने हत्याकांड के आरोपी जलीस अहमद के जरिए सिराज अहमद भी मुन्ना बजरंगी से जेल में मुलाकात करता था। पुलिस के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके गिरोह को डी-68 के नाम से जाना जाता था और उसे सिराज अहमद उर्फ जलीस-डी कहा जाता था।
एसटीएफ के मुताबिक, सिराज अहमद के खिलाफ 28 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें से 26 मुकदमे सुल्तानपुर के विभिन्न थानों में और दो लखनऊ में दर्ज थे। वर्ष 2015 और 2018 में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया, जबकि 24 जनवरी 2019 को उसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत निरुद्ध किया गया था। उस पर एक हत्या, चार हत्या के प्रयास और कई संगीन अपराध दर्ज थे।
कोर्ट के आदेश पर बीते मार्च में अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड के मुख्य आरोपी सिराज अहमद की चार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई थी। जब्त संपत्ति में एक फॉर्च्यूनर, दो एसयूवी, एक ट्रैक्टर, एक मोटरसाइकिल, ट्रॉली और एक भू-संपत्ति शामिल थी। कुल 4 करोड़ 66 लाख 11 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
सहारनपुर के गंगोह-शेरमऊ मार्ग पर गांव सलारपुरा के पास लखनऊ एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश सिराज अहमद मारा गया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। सिराज सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के लोलेपुर गांव का रहने वाला था और पूर्वांचल में मुख्तार अंसारी गैंग का कुख्यात शार्प शूटर माना जाता था। वह हत्या समेत 30 से अधिक संगीन मामलों में वांछित था।
6 अगस्त 2023 को सुल्तानपुर देहात कोतवाली क्षेत्र के भूलकी चौराहे पर दिनदहाड़े अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तभी से सिराज एसटीएफ के रडार पर था। खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि सिराज पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से लौटकर गंगोह क्षेत्र में छिपा हुआ है।
रविवार सुबह एसटीएफ एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम सलारपुर गांव के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे। टीम को देखते ही पीछे बैठे युवक ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बाइक चला रहे युवक को सीने में गोली लगी और वह गिर पड़ा, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। घायल युवक की पहचान सिराज अहमद के रूप में हुई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ स्थल से एक बाइक, 30 बोर और 32 बोर की दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, चार मोबाइल फोन, दो वाई-फाई डोंगल और आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, सिराज गंगोह क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था।