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Kapsad Meerut News: गलत ट्रेन में बैठ गए थे पारस और रुबी, गांव से पैदल निकले फिर लिए लिफ्ट

Video Updated Mon, 12 Jan 2026 01:02 PM IST

मेरठ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण का आरोपी पारस सोम शनिवार को गलत ट्रेन में बैठ गया था। उसने टपरी जंक्शन से निकलने पर ट्रेन में एक यात्री का मोबाइल लेकर गांव में अपने दोस्त को फोन किया था। उसने गांव का हाल जाना और कहा कि वह जिस ट्रेन में है वह सहारनपुर के बजाय रुड़की जा रही है।

यह कॉल सर्विलांस टीम भी सुन रही थी। टीम ने मेरठ पुलिस को सतर्क किया और सहारनपुर पुलिस को भी लगाया गया। इसके बाद रुड़की गंगनहर थाना पुलिस की मदद से पुलिस ने पारस सोम को रुड़की स्टेशन पर ट्रेन से ही गिरफ्तार कर लिया। रूबी भी उसके साथ ही मिली। 

दोनों बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस की पूछताछ के अनुसार, दोनों वारदात के दिन आठ जनवरी को पैदल ही कपसाड़ से गए थे। जंगलों के रास्ते वो सड़क पर पहुंचे। वहां से एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर खतौली पहुंचे। 
पारस ने खतौली में अपने रिश्तेदार से कुछ रुपये लिए और वहां से नागल क्षेत्र में अपनी बहन के यहां जाने की तैयारी की। रिश्तेदार ने बताया कि वहां पुलिस है। बड़गांव में भाई की ससुराल और हापुड़ में मौसी के यहां भी पुलिस पहुंची है।  हरियाणा के जींद में रहने वाले रिश्तेदार के यहां भी पुलिस पहुंच गई है। इसके बाद पारस और रूबी दिल्ली गए। वहां पर वे भटकते रहे। शनिवार को दोनों फिर से खतौली जाने के लिए शाहदरा से हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में बैठ गए मगर यह ट्रेन मेरठ-खतौली के बजाय वाया बड़ौत-शामली से टपरी जंक्शन होकर हरिद्वार जाती है। जब ट्रेन शामली मार्ग पर चली तो पारस सोम को गलत ट्रेन में बैठने का पता चला। इसके बाद उसने अपने दोस्त को फोन किया। सर्विलांस के जरिये पुलिस सक्रिय हो गई। जानकारी करने पर पता चला किट्रेन संख्या 14305 हरिद्वार पैसेंजर टपरी से निकली है। पुलिस ने घेराबंदी की, चूडियाला में सहारनपुर पुलिस पहुंची मगर तब तक ट्रेन वहां से चल दी थी। इसके बाद रुड़की स्टेशन पर पुलिस को सफलता मिल गई।
पुलिस ने आरोपी के सभी रिश्तेदारों, परिचितों, परिजनों की घेराबंदी करते हुए उनके फोन इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस पर लिए हुए थे। जानकारी करने पर पता चला कि पारस सोम को अपने तीन दोस्तों के मोबाइल नंबर याद हैं। पुलिस ने दो दोस्तों को पकड़ लिया था मगर गांव में उसके मकान के सामने रहने वाले झोलाछाप चिकित्सक को कुछ नहीं कहा बल्कि उसका फोन नंबर सुनने के लिए सर्विलांस पर लगा दिया। पारस और रूबी अपने मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे।
कपसाड़ गांव की घटना के बाद जिले में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव में कोई राजनैतिक दल का प्रतिनिधि मंडल या नेता प्रवेश न करें इसके लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग रही। सिवाया टोल प्लाजा पर रविवार को भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस आने जाने वाले लोगों से पूछताछ करती रही। दिनभर टोल प्लाजा पर वैरिकेडिंग के चलते जाम की स्थिति बनी रही।

कपसाड़ कांड में सोशल मीडियो पर चल रहे आरोप प्रत्यारोप और एक बिरादरी के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी को संज्ञान में लेते हुए साइबर थाने पर पुलिस की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद साइबर थाने की टीम सक्रिय हो गई है। इस प्रकरण में सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम बयान और वीडियो को टीम ने कब्जे में ले लिया है। 

साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखने के लिए हर थाने की साइबर टीम को सचेत कर दिया गया है। सरधना थाना क्षेत्र का ठाकुर चौबीसी का गांव कपसाड़ इन दिनों हत्या और अपहरण की वारदात से चर्चाओं में है। 
गांव का पारस सोम आठ जनवरी को अनुसूचित जाति की सुनीता की सिर में धारदार हथियार से वारकर हत्या करके उसकी बेटी रूबी का अपहरण करके ले गया था। इस वारदात के बाद से कपसाड़ गांव सियासी केंद्र बन गया है। 

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