आरटीई के तहत जनपद में निशुल्क दाखिले की प्रक्रिया प्रभावी है। एक लाख से कम वार्षिक आय का प्रमाणपत्र आरटीई में देना है। इसे लेकर विभाग ने सख्ती के संकेत दिए हैं। अगर आय प्रमाणपत्र फर्जी मिला तो न सिर्फ आवेदन निरस्त होगा, बल्कि गलत प्रपत्र लगाने के अभियोग में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया की जनपद में आरटीई आवेदन आनलाइन लिए जा रहे। पहले चरण के लिए कमजोर आय वर्ग के अभिभावक अपने पाल्यो को निशुल्क शिक्षा का आवेदन कर रहे। पहले चरण की ई-लाटरी 18 फरवरी को होगी। आवेदन के बाद काउंसिलिंग में तहसीलदार की तरफ से निर्गत आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।