गो माता केवल पशु नहीं, सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। जिस गो माता को सनातन संस्कृति में माता का स्थान प्राप्त है, आज उसी गो माता की हत्या हो रही है। हमारा वोट लेकर हमारी ही गो माता को काटने का कार्य किया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और आस्था की आत्मा है। जो जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दल वास्तविक रूप से गो संरक्षण के लिए कार्य करेंगे, वहीं समाज और संतों के आशीर्वाद के अधिकारी होंगे। उक्त बातें शनिवार को शहर के लंका मैदान पहुंचे ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही।