ठंड के मौसम में चने की फसल क्षेत्र के किसानों के लिए डबल मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। अपनी मेहनत, लगन और सूझ-बूझ से किसान न केवल चने के स्वादिष्ट साग को बेचकर तत्काल आमदनी कर रहे हैं, बल्कि बाद में चने के दाने से भी अच्छा लाभ कमाकर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। महमदपुर-जमालपुर गांव के किसान इस दोहरी रणनीति का शानदार इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सही समय पर चने की बुआई की है। चने की फसल से दोहरा लाभ उठाने वाले एक किसान के बेटे, शिवम यादव ने बताया कि जब फसल साग काटने लायक हो जाती है, तो पापा उसे काटकर सैदपुर मंडी या बाजार में अच्छे दामों पर बेच देते हैं। किसान परिवार के भरण-पोषण में चने के साग की बिक्री एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ठंड के दिनों में चने का साग अच्छे दामों में बिकता है, जिससे किसानों को तत्काल नकद आय प्राप्त होती है। साग काटने के बाद, किसान फसल को खेत में छोड़ देते हैं। बचे हुए पौधों पर चने (छोटा फल) लगते हैं, जो पकने पर दाने में बदल जाते हैं। शिवम यादव आगे कहते हैं कि साग बेचने के बाद, जब चने के दाने (छोलिया/ चना) आ जाते हैं और फसल पक जाती है, तब यह दाने के रूप में हमें दूसरा फायदा देते हैं। इस तरह, डबल फायदा करके हमारे परिवार का भरण-पोषण करते हैं।