राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद शाखा द्वारा राजकीय बालिका इण्टर कालेज सभागार में एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संगठन की कार्यकारिणी विस्तार के उपरान्त सभी चयनित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी। कार्यक्रम में जनपदीय अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (एक मई) मेहनतकशों के संघर्ष, बलिदान और उनके योगदान को सम्मानित करने का दिन है। भारत समेत दुनिया भर में यह श्रमिकों की एकता और अधिकारों के जश्न के रूप में मनाया जाता है। संघ के मंत्री विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि यह दिन राष्ट्र और विश्व के विकास में श्रमिकों, मजदूरों और कामगारों के अतुलनीय योगदान को समर्पित है। कर्मचारी नेता सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारत में मजदूर दिवस, मई दिवस की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में हुई। पहला मजदूर दिवस एक मई 1923 को मद्रास (अब चेन्नई) में ‘हिंदुस्तान की लेबर किसान पार्टी’ द्वारा मनाया गया था। अजीत कुमार यादव ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों का प्रतीक यह दिवस याद दिलाता है कि कामगारों का शोषण नहीं होना चाहिए और उन्हें सम्मानजनक काम करने की स्थिति मिलनी चाहिए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने कहा कि एकता की शक्ति जो इन सभी श्रमिकों को एक मंच पर लाकर उनके अधिकारों के प्रति एकजुट करता है।