बिना मंजूरी या रेन वाटर हार्वेस्टिंग किए धरती की कोख से पानी निकालकर इस्तेमाल करने वालों पर जिला प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। जिलाधिकारी ने भूगर्भ जल विभाग को ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को भूजल सहेजने के लिए नोटिस जारी करने को कहा है। ऐसे होटलों, फैक्टरियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सूची मांगी गई है, वहीं पुराने एनसीओ धारकों को मानकों का पालन करने के लिए कहा गया है। शुरुआती चरण में 53 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए हैं। शुरुआती दौर में विभाग भूजल का जमकर दोहन करने वाले सरकारी व निजी स्लॉटर हाउसों से लेकर 53 फैक्टरियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर रहा है। इन सभी जगह भूजल दोहन तो किया जा रहा है लेकिन रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं की गई है। ऐसे प्रतिष्ठानों पर पूर्व में किए गए भूजल उपयोग के लिए जुर्माना लगाने की भी तैयारी है। दरअसल, हाल ही में भूगर्भ जल विभाग की प्री-मानसून रिपोर्ट के साथ ही भूजल के उपयोग की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दोनों ही रिपोर्ट में जिले का एक भी ब्लॉक सुरक्षित जोन में नहीं मिला है। ऐसे में जिला प्रशासन ने पहले से ही पानी की परेशानी झेल रहे आगरा के भूजल स्तर और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कवायद शुरू की है।