लखनऊ में कोचिंग सेंटर में अग्निकांड से भी आगरा में स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग ने सबक नहीं लिया। जिले में 106 अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। इन पर अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। इसके बावजूद यहां मरीज भर्ती कर इलाज हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग में 1,317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत है। इसमें 487 अस्पताल है। इनमें से 381 अस्पतालों ने ही अग्निशमन विभाग से ऑडिट कराते हुए एनओसी प्राप्त की है। बाकी के 106 अस्पताल बिना एनओसी के बेधड़क चल रहे हैं। इनमें वाटर टैंक, अतिरिक्त सीढ़ियां, चौड़े रास्ते, फायर पंप, स्प्रिंकलर सिस्टम समेत अन्य की कमी है। आवासीय क्षेत्रों में भी अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिनमें सेटबैक समेत अन्य मानकों की अनदेखी है। ऐसे में हादसा होने पर मरीजों की जान का खतरा बना हुआ है। इन अस्पतालों की जांच भी नहीं हो रही है। 2022 में आर-मधुराज में आग लगने पर चिकित्सक और उनके बेटे-बेटी की मौत हो चुकी है।