राजधानी शिमला के चर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने दो और अहम आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के खुलासे का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतका के भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची थी। दोनों शूटर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और अब इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एएसपी शिमला मेहर पंवार ने बताया कि 13 जून को सरस्वती पैराडाइज स्कूल के पास मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 39 घंटे के भीतर हरियाणा के रोहतक से दोनों कथित शूटर आशीष अहलावत और दीपक को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए थे। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि हिमांक और गोविंद ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और दोनों शूटरों को वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया। एएसपी के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि गोविंद ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार की व्यवस्था की और कथित तौर पर शूटरों के साथ समन्वय बनाए रखा। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद गोविंद विदेश चला गया था। भारत लौटने के बाद वह लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। तकनीकी निगरानी और लगातार कार्रवाई के बाद उसे हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक हिमांक मित्तल फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से बिस्तर पर है और रोहतक में पुलिस निगरानी में है। उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने के बाद उसे शिमला लाकर अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ की जाएगी। एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की चार्जशीट तैयार करने और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में जुटी है।