अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं और सहायिकाएं सोमवार को राजधानी शिमला के टालैंड में धरना-प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुईं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार से समय पर मानदेय जारी करने और बढ़े हुए मानदेय का भुगतान करने की मांग उठाई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें कई महीनों से समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। इस महीने भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानदेय में देरी का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान उनकी ड्यूटी भोजन तैयार करने के लिए लगाई गई थी। उनका कहना है कि उन्हें अपने नियमित कार्यों के अतिरिक्त अन्य जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं, लेकिन इसके अनुरूप सुविधाएं और भुगतान नहीं मिल पाता। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं और सहायिकाएं सरकार से लंबित मानदेय का जल्द भुगतान करने, बढ़े हुए मानदेय को लागू करने और उनकी अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।