नगर परिषद रोहड़ू के चुनाव में कांग्रेस ने कब्जा किया है। नगर परिषद के छह वार्ड मे कांग्रेस समर्थित पाषर्द जीते हैं। भाजपा समर्थित एक और दो निर्दलीय पार्षद भी जीते हैं। वार्ड एक से भाजपा सर्मथक नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष रही रमा देवी, वार्ड नंबर दो अप्पर बाजार में निर्दलीय पारुल और वार्ड नौ से निर्दलीय शालू दत्ता जीती हैं। वार्ड नंबर पांच से प्रदेश कब्बडी एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राज कुमार निटू विजेता रहे। एसडीएम कार्यालय में मतगणा की प्रक्रिया करीब 4:00 बजे शुरू हुई। 5:30 बजे तक सभी वार्ड के चुनाव परिणाम घोषित किए गए। नगर परिषद के वार्ड नंबर एक दशालनी एवं सेरी से रमा देवी ने 209 मत लेकर जीत दर्ज की। इस वार्ड में वृंदा जिल्टा को 153, राजवंती को 104 और विक्रमा देवी को 53 मत मिले। वार्ड नंबर दो अप्पर बाजार में पारुल और ऊषा शर्मा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें पारुल ने 116 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि ऊषा शर्मा को 100 मत मिले। मुख्य बाजार वार्ड नंबर तीन से सुजय अग्रवाल ने 266 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की। उनकी प्रतिद्वंद्वी रंजना रेटका को 146 मत मिले। समाला वार्ड नंबर चार में रनजीता ने 122 मत लेकर जीत हासिल की, जबकि रीतू को 103 मत प्राप्त हुए। बस स्टैंड क्षेत्र वार्ड नंबर पांच से राज कुमार निटू ने 79 मतों के साथ जीत दर्ज की और राजेश चंद को 54 मत मिले। ब्लॉक क्षेत्र वार्ड नंबर छह में प्रीति चौहान ने 124 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। यहां बीना देवी को 33 मत और नोटा को तीन मत मिले। कोर्ट रोड क्षेत्र वार्ड नंबर सात से जितेंद्र चौहान 113 मत प्राप्त कर विजयी रहे। सौरव तानटा को 30 मत और नोटा को छह मत मिले। बावटीनाला वार्ड नंबर आठ चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला रहा, जहां प्यारे लाल आजाद ने 153 मत लेकर जीत दर्ज की। पन्ना लाल को 140 मत और सोहन लाल को 97 मत मिले। वहीं शक्तिनगर वार्ड नंबर नौ से शालू दत्ता ने 131 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। सिमरन कौर को 42 और सुनीता देवी को 56 मत प्राप्त हुए। इस चुनाव में महिला कर्मचारियों की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। एसडीएम धर्मेश रामौत्रा ने कहा कि महिला कर्मचारियों ने मतदान प्रक्रिया से लेकर मतगणना तक हर जिम्मेदारी को अनुशासन, समर्पण और दक्षता के साथ निभाया। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों के सहयोग से चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। प्रशासन ने इसे महिला सशक्तिकरण और जिम्मेदार भागीदारी का सकारात्मक उदाहरण बताया है।