फरीदकोट जिले के गांव संधवां में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की अगुवाई में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि कर्ज माफी, शंभू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के मुआवजे और लैंड मॉर्गेज बैंकों से जुड़े मुद्दों का समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर किसान नेता काका सिंह कोटड़ा, बोहड़ सिंह ,इंद्रजीत सिंह समेत अन्य किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी कारण अब उन्होंने स्थायी मोर्चा लगाने का फैसला किया है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन का दायरा बढ़ाकर रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्गों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल एक जिले का नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। किसान नेताओं ने फरीदकोट के हरीनौ गांव के उन दो भाइयों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कर्ज के बोझ से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार से किए गए सरकारी वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने लैंड मॉर्गेज बैंकों पर किसानों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्ज के समय लिए गए खाली चेक वापस करवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।