पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले सीएम फेस व मुख्य पदों पर लोअर-अपर कास्ट के प्रतिनिधित्व पर छिड़ा कलह हाईकमान तक पहुंच गया है। वीरवार को नई दिल्ली में वरिष्ठ नेता राहुल गांधी व राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब के नेताओं की बैठक ली। इस दौरान हाईकमान ने पंजाब के नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। यानी पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वड़िंग बने रहेंगे। इसके अलावा पार्टी में गुटबाजी भी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर नाराजगी भी जताई। तीन घंटे चली बैठक के दौरान राहुल और खरगे ने सभी वरिष्ठ नेताओं की बात सुनी और उनसे आह्वान करते हुए कहा कि पंजाब की जनता चाहती है कि सूबे में कांग्रेस सरकार बने मगर ऐसी गुटबाजी और अनुशासनहीनता रही तो राह मुश्किल हो जाएगी। लिहाजा एकजुटता के साथ आगे बढ़ना होगा। बैठक के बाद कांग्रेसी नेता वेणुगोपाल ने कहा कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल ही नहीं है। हाईकमान ने सार्वजनिक रूप से कोई भी विचार व्यक्त करने के खिलाफ सख्त निर्देश भी जारी किए हैं, जिन्हें केवल हाईकमान के सामने ही उठाया जाना चाहिए। भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब में सभी एकजुटता के साथ आगे बढ़ेंगे और सरकार बनाएंगे। बैठक के दौरान पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह शामिल हुए।