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मां का दर्जा भगवान से भी बढ़कर, मदर्स डे पर माताओं को किया नमन

Nivedita Updated Sun, 10 May 2026 09:57 AM IST

मदर्स डे के अवसर पर अमृतसर में विभिन्न स्थानों पर माताओं के प्रेम, त्याग और समर्पण को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मां का स्थान दुनिया में सबसे ऊंचा होता है और मां ही बच्चे की पहली गुरु होती है, जो उसे अच्छे संस्कार और जीवन की सही सीख देती है। सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और अध्यापिका मनदीप काैर ने कहा कि मां एक ठंडी छांव की तरह होती है, जो अपने बच्चों को हर परेशानी से बचाकर रखती है। उन्होंने कहा कि मां ही बच्चों को अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा समाज में अच्छा कार्य करता है तो सबसे पहले उसकी मां के संस्कारों की सराहना होती है। मंदीप कौर ने कहा कि मां केवल मां ही नहीं होती, बल्कि वह बेटी, बहन, पत्नी और सास के रूप में भी हर रिश्ते को खूबसूरती से निभाती है। मां घर की शान होती है और परिवार को प्यार के धागे से जोड़कर रखती है। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों की खुशी के लिए हर संघर्ष सह लेती है और अपनी तकलीफों को कभी सामने नहीं आने देती। इस अवसर पर डा. राजवीर काैर बीर ग्रेवाल ने मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां परमात्मा का वह स्वरूप है, जिसे लोग भगवान के बराबर मानते हैं। उन्होंने कहा कि मां की दुआओं का कर्ज कभी नहीं उतारा जा सकता, क्योंकि मां हर समय अपने बच्चों की रक्षा करती है। डॉ. राजवीर कौर ने कहा कि महिला जीवन में कई भूमिकाएं निभाती है। वह बेटी, पत्नी और मां के रूप में अपने सभी फर्ज पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाती है। उन्होंने माई भागो, माता वीरो और रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महिलाओं ने समाज को नई दिशा देने में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बच्चा सबसे पहले अपने घर में अपनी मां से सीखता है और यदि मां एक अच्छा रोल मॉडल बनेगी तो बच्चा भी अच्छे संस्कार अपनाएगा। मदर्स डे के मौके पर माताओं के अटूट प्रेम, त्याग और उनके अमूल्य योगदान को सलाम किया गया।

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