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झज्जर: कामरेड शिवदास घोष की 50वीं पुण्यतिथि पर प्रदेश स्तरीय स्मृति कार्यक्रम आयोजित, महंगाई, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया

मयूर शर्मा Updated Sat, 08 Aug 2026 07:47 PM IST

झज्जर। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) पार्टी के संस्थापक महामंत्री कामरेड शिवदास घोष की 50वीं पुण्यतिथि पर प्रदेश स्तरीय स्मृति शनिवार को छोटूराम किसान धर्मशाला में आयोजित की गई।सभा के मुख्य वक्ता पार्टी की केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड अरुण कुमार सिंह थे जबकि अध्यक्षता कामरेड अनूप सिंह मातनहेल ने की। मुख्य वक्ता का. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कामरेड शिवदास घोष का 5 अगस्त 1976 निधन हो गया था। यह 50वीं जनसभा रस्म अदायगी का दिन नहीं है बल्कि अपनी जमीर को जगाने का दिन है। हर वर्ष यह अवसर विशेष अर्थ, महत्व लेकर आता है। इस अवसर पर उनकी शिक्षाओं में उनके महान जीवन संघर्ष को जन मानस में ले जाने की बात है। प्रदेश कमेटी सचिव का. राजेंद्र सिंह ने कहा कि आजादी आंदोलन में अनगिनत कुर्बानियों के बाद भी अंग्रेजों के जाने के बाद देश में मेहनतकश लोगों को शोषण से मुक्ति नहीं मिली, क्योंकि राजसत्ता पर पूंजीपति वर्ग का कब्जा हो गया। आज हालात ये हैं कि भयंकर रूप से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से लोगों का जीना दूभर हो गया है। गरीब- अमीर का अंतर बढ़ रहा है। निजीकरण, अशिक्षा के खिलाफ आंदोलनों को बुरी तरह कुचला जा रहा है। महिलाओं की इज्जत आबरू दाव पर है। 77 प्रतिशत धन-दौलत कुछ मुट्ठी भर लोगों के पास जमा हो चुकी है और लगभग 5 लाख किसान, मजदूर कर्ज में दबकर आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों और दुग्ध उत्पादकों की बलि देकर भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता किया जा रहा है। अध्यक्ष का. अनूप सिंह मातनहेल ने कहा कि समाज परिवर्तन को पूंजीवाद विरोधी समाजवादी क्रांति की ओर सही दिशा दी जा सके।

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