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Solan: धर्मपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, शिवलिंग पर दूध-बेलपत्र चढ़ाकर किया अभिषेक

Ankesh Dogra Updated Mon, 10 Aug 2026 02:11 PM IST

सावन के सोमवार को धर्मपुर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सुबह करीब छह बजे से स्थानीय लोग मंदिर पहुंचने लगे। भक्तों ने अपनी बारी का इंतजार कर शिवलिंग पर दूध, दही, बेलपत्र, चंदन और केले अर्पित किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। महिलाओं की मंदिर में पूजा-अर्चना में विशेष भागीदारी रही। भक्तों ने शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करने के साथ भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद मांगा। मंदिर के पुजारी त्रिभुवन पांडे ने बताया कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित और अत्यंत पवित्र माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर बेलपत्र, चंदन और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव की पूजा करते हैं और मान्यता है कि सावन में भोलेनाथ की आराधना करने से भक्तों पर भगवान का आशीर्वाद बना रहता है। सावन के सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण लोगों को अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध, दही, बेलपत्र और चंदन चढ़ाकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की। पुजारी ने श्रद्धालुओं को सावन में भगवान शिव के मंत्र जाप और पूजा-अर्चना के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के सोमवार को ‘ॐ नमः शिवाय’ का 11 या 21 बार जाप करना शुभ माना जाता है।

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