हिमाचल प्रदेश के मंडी में 2 व 3 मई को आयोजित हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के 21वें राज्य स्तरीय सम्मेलन में सामाजिक सरोकारों और जनजागरूकता के विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषय पर विशेष फोकस रहा, जिसमें धर्मपुर क्षेत्र में चल रहे अभियान को प्रमुखता से उठाया गया। सम्मेलन में समिति के संस्थापक सदस्य भूपेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में नशे की समस्या समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने बताया कि धर्मपुर में चल रहा नशा मुक्ति अभियान सकारात्मक परिणाम दे रहा है और इससे अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। भूपेंद्र सिंह ने जोर देते हुए कहा कि नशे की रोकथाम केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव-गांव में निगरानी समितियों का गठन किया जाना चाहिए, जो न केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर भी रखें। सम्मेलन में उपस्थित विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और नशा मुक्ति को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना समय की मांग है। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में नशा मुक्ति अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके। सम्मेलन में पारित प्रस्तावों के तहत जनजागरूकता अभियानों को तेज करने, स्कूल-कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और पंचायत स्तर तक निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।