यमुनानगर। 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू न किए जाने के विरोध में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन का आंदोलन सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा। दमकल केंद्र यमुनानगर पर धरना देने के बाद पालिका एवं दमकल कर्मचारियों ने कन्हैया साहिब चौक से नगर निगम महापौर के आवास तक जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने महापौर के प्रतिनिधि को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए नगर निगम सदन में कर्मचारियों के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने की मांग की। प्रधान विजेंद्र सिंह, सचिव रिंकू कुमार ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में उनकी कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक उन्हें लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी नहीं किए गए। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने पालिका और दमकल विभाग के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने, न्यूनतम वेतन देने, सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने समेत 17 मांगों पर सहमति जताई थी। इसके बावजूद मांगें लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ हुए इस विश्वासघात के विरोध में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। 18 अगस्त को तालाबंदी और पुतला दहन: गुलशन भारद्वाज, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह, सीटू नेता विनोद त्यागी, स्वास्थ्य जिला प्रधान विजय कुमार, पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के चेयरमैन किशोर कुमार, जिला सचिव प्रेम प्रकाश ने बताया कि 18 अगस्त को पालिका और दमकल कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के गेट पर दो घंटे तालाबंदी करेंगे। इस दौरान विश्वासघात दिवस मनाते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा निकाय मंत्री विपुल गोयल की शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 से 25 अगस्त तक विधायकों और मंत्रियों के आवास व कार्यालयों पर प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। आगामी विधानसभा सत्र में सरकार से 13 मई को मानी गई मांगों को लागू कराने की मांग की जाएगी। कर्मचारियों की ओर से शहर के मुख्य बाजारों में भी लोगों से आंदोलन में सहयोग की अपील की जाएगी। कर्मचारियों ने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती की मांग उठाई। साथ ही सीवर में होने वाली मौतों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।