कड़ाके की ठंड में वीरवार रात को शहर का जायजा लेने पहुंची संवाद न्यूज एजेंसी की टीम साढ़े 9 बजे बस स्टैंड पहुंची। यहां एक महिला बैठी हुई मिली, जो बार बार किसी को फोन लगा रही थी और सामने से कोई जवाब नहीं मिल रहा था। महिला को रात में परेशान देख टीम ने उनसे बात करने की कोशिश की तो महिला सहम सी गई। कुछ देर बात करने व अपना परिचय देने के बाद महिला कुछ सहज हुई। उन्होंने बताया कि रोहतक से आई है और गांव गोदबलाहा जाना है, रात को बस नहीं है और बेटा फोन ही नहीं उठा रहा है। इस पर टीम ने परिसर में मौजूद रैन बसेरे के केयर टेकर को बुलाया और महिला को रैन बसेरे में जगह दिलवाई। यहां एक महिला पहले से ही रुकी हुई थी, जिन्हें भी बस नहीं मिल पाई थी। रेलवे स्टेशन पर बैठा मिला बुजुर्ग इसके बाद रात 10 बजे रेलवे स्टेशन का जायजा लिया तो एक बुजुर्ग कंबल में लिपटा हुआ बैठा बैठा ही सोता हुआ पाया। जगाने पर उन्होंने अपना नाम सोहन बताया और सुबह 5 बजे की ट्रेन से उन्हें सीकर जाना था। इसलिए यहीं पर बैठे बैठे नींद आ गई। कुर्सियों पर सोता मिला युवक बुजुर्ग से मिलकर बाहर निकलने लगे तो कुर्सियों पर एक युवक ठंड में सोता हुआ मिला। बातचीत के दौरान पता चला कि उसका नाम मोहित है और उसकी ट्रेन सुबह करीब 5 बजे की है। इसलिए कुर्सियों पर ही सो गया। उसे रैन बसेरे के बारे में बताया तो उसने कहा कि उसे रैन बसेरे के बारे में पता ही नहीं है और अब तो रात यहीं कट जाएगी। मायके से रात को 9 बजे बस स्टैंड पर पहुंची थी। बस नहीं होने के कारण रैन बसेरे में आ गई। अब सुबह 7 बजे बस आएगी तब नावता की ढाणी पचेरी राजस्थान निकल जाउंगी। -रेखा देवी, पचेरी झुंझुनूं, राजस्थान। सड़क बनाने का काम करता हूं, कलकत्ता से आ रहा हूं और उदयपुर जाना है। ट्रेन सुबह 5 बजे आएगी, इसलिए स्टेशन पर ही घूम फिर कर रात बितानी पड़ेगी। -आरिफ खान, बीबीग्राम कलकत्ता।