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कैथल में ट्रेड डील के विरोध में प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति का पुतला फूंका, नारेबाजी करते हुए किसान छोटूराम चौक पर पहुंचे

Naveen Updated Fri, 27 Feb 2026 04:53 PM IST

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की जिलास्तरीय बैठक हनुमान वाटिका कैथल में जिला अध्यक्ष गुरनाम फरल की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट, प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चहल नरड, प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह चीका के नेतृत्व में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में नारेबाजी करते हुए किसान छोटूराम चौक पर पहुंचे और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया। युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि धान के सीजन में हरियाणा प्रदेश में खरीद के दौरान 5 हजार करोड रुपये से अधिक का धान घोटाला हुआ है, जिसको लेकर पूरे प्रदेश में धरने में प्रदर्शन किए गये लेकिन इस घोटाले को दबाने की कोशिश की जा रही है,इस धान घोटाले की सीबीआई से जांच करवाई जाए। आज पूरे देश में भाकियू चढूनी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के पुतले जलाकर इस ट्रेड डील का विरोध किया जा रहा है, और 10 मार्च को पूरे देश में तहसील स्तर पर इस ट्रेड डील के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालकर विरोध किया जाएगा। 23 मार्च को शहीद ए आज़म भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के शहादत दिवस पर अनाज मंडी पिपली (कुरुक्षेत्र) में किसान- मजदूर जन क्रांति रैली आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शन मे जरनैल सिंह जैली, नरेंद्र मागो माजरी,विक्रम दुसैण,पिरथी कौल, बलिंद्र हजवाना, रणधीर बरसाना, बलकार मलिक, सुरेंद्र पयौदा उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील देश के किसानों और खेत मजदूरों पर सीधा हमला है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कृषि मंत्री के बयानों से साफ है कि भारत अमरीकी कृषि उत्पादों को जीरो कस्टम ड्यूटी पर अपने बाजार में आने देगा, जिससे भारतीय किसानों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। उन्होंने कहा कि 2024 में अमेरिका का भारत के साथ कृषि व्यापार घाटा 1.3 बिलियन डॉलर था, अब यह डील अमेरिकी किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, ना कि हमारे किसानों की रक्षा के लिए। भारतीय किसान कहां जाएगा? किसानों, मजदूरों एवं आम जन के लिए फ्री एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं क्योंकि राजनेता और अधिकारियों को फ्री शिक्षा और फ्री मेडिकल सुविधा सरकार अपने खर्च पर कराती है जबकि नेताओं ओर अधिकारियों को मोटी सेलरी एवं मोटी पेंशन मिलती है भारत के बाहर कई देशों में आम आदमी की पढ़ाई लिखाई एवं इलाज फ्री है इसलिए भारत के भी आम आदमी एवं किसान को फ्री शिक्षा एवं फ्री इलाज करना ही पड़ेगा हमारी मांग है।

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