--बोले- सरकार के पाप का घड़ा भर चुका, अब मोदी गद्दी छोड़ो दिल्ली में प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ बर्बरता का लगाया आरोप संवाद न्यूज एजेंसी जींद। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को युवाओं ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से डीसी कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सीआरएसयू परिसर से मार्च शुरू किया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए डीसी कार्यालय पहुंचा। सुमित लाठर, अमित आदिवाल, आंचल, अक्षय नरवाल, रविन्द्र ढुल्ल, नवरतन माथुर, प्रवेश लाठर, अजमेर रेढू, सचिन जैस्ट, अनंत, सावन ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने बर्बरता दिखाई। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज के दौरान कई छात्र-छात्राएं घायल हुए, जबकि कुछ युवतियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उसे बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अब सरकार के पाप का घड़ा भर चुका है। इसलिए अब मोदी को गद्दी छोड़ देनी चाहिए। सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और अन्य मुद्दों को लेकर युवा पहले ही परेशान हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।