प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय में बुधवार को अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को परीक्षा के दौरान तनाव से बचने और आत्मविश्वास बनाए रखने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ. सुमिता आसरी ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं को संबोधित किया। डॉ. सुमिता आसरी ने कहा कि परीक्षा जीवन का एक छोटा सा हिस्सा है, लेकिन कई बार छात्र-छात्राएं इसे ही सब कुछ मान बैठते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पेपरों में कम अंक आने के डर से कुछ विद्यार्थी गलत कदम तक उठा लेते हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि किसी एक विषय में कम अंक आना असफलता नहीं है, बल्कि यह आगे बेहतर करने का अवसर देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक विषय की तैयारी को योजनाबद्ध तरीके से करें और परीक्षा से पहले सभी महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों का दोहराव अवश्य करें। समय प्रबंधन, नियमित पढ़ाई और सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है जितना पढ़ाई करना। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल रखे। इसमें छात्रा स्वीटी बीए अंतिम वर्ष की छात्रा ने पूछा कि अगर तैयारी के बावजूद पेपर अच्छा न जाए तो तनाव कैसे कम करें। इस पर डॉ. आसरी ने जवाब दिया कि एक पेपर खराब होने का असर बाकी पेपरों पर नहीं पड़ने देना चाहिए और तुरंत अगले विषय की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।