नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को दसवें दिन भी जारी रही। नप कर्मियों ने कार्यालय में धरना देकर नारेबाजी की। वहीं हड़ताल के चलते शहर में कूडे़ के ढेर लगे हुए हैं। रविवार को मतदान के चलते डीसी, एसडीएम, सीटीएम, नगर परिषद चेयरमैन, नगर परिषद के ईओ के अलावा पुलिस के आला अधिकारी भी बीकानेर चौक से गुजरे, जहां पर काफी मात्रा में कूड़ा एकत्रित हो चुका है। यही नहीं आधी सड़क कूडे़ की वजह से ढकी जा चुकी है, लेकिन उसके बावजूद भी प्रशासन ने इस कूडे़ को लेकर कोई कदम नहीं उठाए और न ही अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। शहर की सड़कों, कालोनियों व बाजारों में 350 टन से ज्यादा कूडे़ के ढेर लगे हुए हैं। इनमें से अब बदबू तक आनी लगी है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बन गया है, लेकिन कोई ध्यान प्रशासन नहीं दे रहा। वहीं नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर रविवार को परिषद के सभी कच्चे सफाई कर्मचारी लगातार दसवे दिन भी हड़ताल पर मौजूद रहे। इसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चांवरिया ने की जबकि मंच का संचालन जिला सचिव गौरव ने की। उन्होंने कहा कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाएगा, फायर विभाग के शहीद हुए कर्मचारियों को शहीद का दर्जा व उनके परिवार को एक सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी, तब तक यह आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा। झज्जर जिले के तमाम कर्मचारी रोड़ों पर उतरने का काम करेंगे और पूरे झज्जर जिले के कर्मचारी एक बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। इस मौके पर जिला सचिव गौरव, ऑडिटर कृष्ण, मनीषा, बबली, कमलेश, सुरेश उर्फ मटरू, मुकेश, विनोद गुर्जर, मनोज, दुष्यंत, शीतल, सविता, अंजू, दया, रानी मौजूद रहे।