चौदस के दिन अल सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। नवरात्र से मेलामय बना हुआ बेरी का माहौल अपने अलग ही अंदाज में दिखाई दिया। दिन के समय में पूरे कस्बे में अलग ही रौनक देखने को मिली। चौदस के दिन भी यहां पहुंचकर मां की प्रतिमा के दर्शन करने की परंपरा है। इसके साथ ही इस दफा का मेला समाप्त हो गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने के बाद यहां लगे मेले में जमकर खरीदारी की। प्रशासन की और से भी मेले के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम दिखाई दिए। वहीं बेरी व आसपास के गांव के किसान छह माह तक खेतों में पसीना बहाते हैं। फसल की अच्छी बिक्री पर मां भीमेश्वरी के मंदिर में आते हैं और अपनी फसल का भोग लगाते हैं। इस दिन मां भीमेश्वरी देवी के चरणों में किसान परिवार अपनी फसल का भोग लगाकर माथा टेकते हैं और अपनी आगे होने वाली अच्छी फसल की कामना करते हैं। वैसे तो मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में पहले नवरात्रे से अष्टमी तक लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेका। दरबार में पहुंचे भक्तजनों का कहना है कि माता भीमेश्वरी देवी से जो मंन्नतें मांगी जाती है वे शीघ्र ही पूरी हो जाती है। बेरी में स्थित मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में वर्ष में दो दफा आने वाले नवरात्र के मौके पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सप्तमी और अष्टमी के मौके पर यहां भारी भीड़ पहुंचती है। इस दफा नवरात्रों में हर बार से ज्यादा भीड़ देखने को मिली थी। श्रद्धालु प्रेम कंसल, प्रविंद्र, रमेश बंसल, हितेंद्र कादयान, संजय सिंघल , मनीष नंबरदार दुजाना ने बताया कि यह मान्यता महाभारत काल से चली आ रही है। मां के दरबार में हर कोई अपनी हाजिरी लगाना चाहता है। सुबह साढ़े चार बजे मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना करवाई। मंदिर के पुजारी ने बताया कि वैसे तो हर माह श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन हर छठे महीने मेला लगता है। इसमें देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। मां के दरबार में हाजिरी लगाते है मां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है। बेरी थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि नवरात्रों के नौ दिनों में मां के दरबार में कोने-कोने से श्रद्धालु आते है और चौदस के दिन बेरी के आसपास के गांवों के भक्त मंदिर में माथा टेकने के लिए आते है। मां की कृपा श्रद्धालुओं पर बनी हुई है। पुलिस की और से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। मेला शांति पूर्ण संपन्न हो गया।