सलेमगढ़ निवासी विकास वर्मा ने मशरूम की खेती से शुरुआत की। आज वह मशरूम से विभिन्न उत्पाद भी बनाकर बेच रहा है। यही नहीं विकास ने अपनी कंपनी में 40 से ज्यादा को रोजगार भी दिया हुआ है। विकास ने बताया कि मैं मशरूम फार्मिंग व हाईटेक फार्मिंग का काम करता हूं। करीब 10 वर्षों से मशरूम की खेती कर रहा हूं। मैं अलग-अलग किस्म के मशरूम उगाता हूं। मशरूम की एक किस्म आयस्टर है जो खाने में सख्ती होती है। मैं इस मशरूम के विभिन्न उत्पाद भी बनाता हूं। पहले इस मशरूम का पाउडर बनाया जाता है और फिर से बिस्किट, पापड़ बनाए जाते हैं। इसके अलावा इस मशरूम का आचार भी बनता है। इसके अलावा मैं हाईटेक खेती भी करता हूं। यह खेती नेट हाउस में की जाती है। इसमें मैं लाल पीली शिमला मिर्च, टमाटर आदि सब्जियां उगाता हूं। इन सब्जियों की भी काफी डिमांड है। भाई के साथ मिलकर शुरू किया था काम विकास के मुताबिक मैंने अपने भाई के साथ मिलकर यह काम शुरू किया था। धीरे धीरे इस काम को बढ़ाना शुरू कर दिया। आज के समय में मेरी कंपनी में 35 से 40 मजदूर काम करते हैं। इसके अलावा कई गांवों की महिलाएं भी मेरे इस बिजनेस से जुड़ी हुई हैं। विकास ने बताया कि जब मैंने काम शुरू किया था तो उस समय मैं प्रतिदिन 2 क्विंटल मशरूम का उत्पादन करता है जो आज बढ़कर 20-22 क्विंटल प्रतिदिन पहुंच गया है। विकास ने बताया कि मेरी कंपनी के उत्पादन दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में जाते हैं। इसके अलावा मेरे से जुड़े हुए लोग भी ये उत्पाद खरीदते हैं।