शहर में चारों ओर कचरा सड़ रहा है। घरों से लेकर सड़कों तक चारों ओर कचरा बदबू मार रहा है। पांचवे दिन सड़कों पर झाडू न लगाए जाने तथा घरों से कचरा न उठाने से करीब 1260 टन कचरा शहर में सड़ रहा है। लोग घरों के कचरे को सड़कों पर फेंक रहे हैं। शहर में हर चौराहे पर कचरा नजर आ रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर लगे डस्टबिन के चारों ओर कचरे के ढ़ेर लग गए हैं। सफाई कर्मियों की हड़ताल के साथ नगर निगम कर्मचारी भी साथ रहे। नगर पालिका कर्मचारियों ने निगम कार्यालय में धरना देकर नारेबाजी की। नगर पालिका कर्मचारी यूनियन प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू ने कहा कि 1100 कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर हैं। डोर टू डोर वाले कर्मचारी भी हमारे साथ धरने पर हैं। टेंडर की शर्त को ठेकेदार पूरा नहीं कर रहे। जिसमें कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा। कर्मचारियों के ईएसआई व पीएफ पूरा नहीं काटा जा रहा। डोर टू डोर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। डोर टू डोर तथा एजेंसियों के सारे कर्मचारी हमारे साथ हड़ताल पर हैं। नगर निगम के लिपिक वर्ग के कुछ कर्मचारी डयूटी करने के लिए पहुंचे। निगम के मुख्य भवन के गेट पर डटी महिला सफाई कर्मियों ने उनको अंदर नहीं जाने दिया। महिला कर्मियों ने कहा कि जब तक हड़ताल रहेगी कोई काम नहीं होगा। कुछ देर तक इंतजार करने के बाद कर्मचारी वापस चले गए। निगम में पहुंचे आम लोग खाली हाथ लौटते दिखे।