साकेत कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला मैकेनिकल कॉपी-पेस्ट का नतीजा था, जिसमें पूरी तरह से तथ्यों की अनदेखी की गई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवारिंदर सिंह जाग्गी ने शिकायतकर्ता जय प्रकाश नारायण की अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने 6 जून को दिए आदेश में कहा, प्रौद्योगिकी, वर्ड प्रोसेसर और कंप्यूटर का उद्देश्य न्यायपालिका को दक्षता और गति प्रदान करना था, लेकिन इससे कंट्रोल सी और कंट्रोल वी की खतरनाक और अस्वीकार्य बीमारी पैदा हो गई है।