राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना बाढ़क्षेत्र में चल रही अवैध डेयरियों और अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि उसके पहले दिए गए आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। अधिकरण ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि निरीक्षण के समय स्थायी डेयरी तो नहीं मिलीं, लेकिन कई जगह अस्थायी पशु आश्रय, चारा, गोबर के ढेर और करीब 50 से 60 गोवंश खुले में चरते हुए पाए गए। मयूर नेचर पार्क, डीएनडी फ्लाईवे के नीचे और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के पास भी ऐसे अस्थायी पशु आश्रय मिले।