दादरी–सूरजपुर–छलेरा (डीएससी) रोड घंटा चौक से सूरजपुर कस्बा चौकी तक चल रहा सड़क निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों के साथ राहगीरों, व्यापारियों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गया है। छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसका खामियाजा स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। निर्माण कार्य के चलते मार्ग पर वाहनों के लिए केवल एक ही लेन उपलब्ध है। इसके कारण दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर सुबह और शाम के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं। डीएससी रोड पर पूरे दिन भारी वाहनों ट्रक, डंपर और कंटेनरों की आवाजाही रहती है। जिससे जाम की समस्या लगातार बनी रहती है। ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आती है, जमीनी स्तर पर इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है। निवासी अजीत कुमार ने बताया कि मार्ग पर उड़ती धूल से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता है। बेसहारा पशु मार्ग पर कूड़े के ढेर में खाना ढूंढते है। इस कारण वाहन चालके हादसे का शिकार होते है। वहीं ऑटो चालक मुकेश ने बताया कि धूल और गड्ढों के कारण ऑटो चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार फिसलन और असंतुलन के चलते लोग चोटिल हो चुके हैं। खराब सड़क की वजह से वाहनों जल्दी खराब होता हैं। जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। डीएससी रोड मुख्य व्यावसायिक मार्ग है, जहां सैकड़ों की संख्या में दुकानें और प्रतिष्ठान स्थित हैं। सड़क खुदी होने और जाम की स्थिति के कारण ग्राहक दुकानों तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उनका काम लगभग ठप हो चुका है। कई दुकानदारों ने बताया कि पहले जहां दिनभर ग्राहकों की आवाजाही रहती थी, अब सन्नाटा पसरा रहता है। करीब दो किलोमीटर के इस हिस्से में सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार लोगों के लिए रोजमर्रा की मुसीबत बन गई है। मार्ग पर जगह-जगह अतिक्रमण और कूड़े के ढेर भी समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। बारिश या पानी पड़ने पर सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। अगर निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए और प्रभावी ट्रैफिक पुलिस तैनात हो तो राहत मिल सकती है।