गुरुग्राम जिला परिषद में शुक्रवार को पंचायती राज दिवस सीईओ सुमित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिला परिषद् के कार्यकारी अघिकारी सुमित कुमार ने कहा कि यह प्रणाली ग्रामीण स्तर लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। 24 अप्रैल 1995 को स्थनीय स्वशासन को मजबूत करने वाला पंचायती राज अधिनियम पारित हुआ था। 24 अप्रैल 2010 से पंचायती राज दिवस आयोजित होना शुरू हुआ। कार्यक्रम को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मैनजर डॉ. दिप्ती ढिंढसा और पटौदी ब्लॉक समिति के चेयरमैन दीपचंद ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ग्राम पंचायतों में काम करने वाली एसएचजी समूह सखी और लखपति दीदिओं बाघनकी खेड़की की भावना यादव और गैरतपुरबास की गीता ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। महिलाओं ने बताया कि किसतरह छोटी-छोटी कोशिशों के बाद गांव के बदलाव का हिस्सा बनी अब उनके नाम से गांव को लोग जानने लगे। विकास कार्यों में ग्राम पंचायत के अधिकारी उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण मानते हैं। महिलाएं समूह में किस तरह सशक्त हुई हैं। गीता और भावना ने चाहे स्थानीय स्वशासन की सबसे छोटी इकाई ग्राम पंचायत स्तर अपनी जगह बनाई हो मगर महिलाओं के नेतृत्व पर संशय करने वालों को इनका कार्य सटीक जवाब है।