नगर निगम के खांडसा सेक्टर 37 स्थित कचरा संग्रहण केंद्र में 10 जून से 11 जून तक एक बार फिर आग लगी। 10 जून की सुबह लगी आग 11 जून दोपहर तक बुझाई जा सकी। इसके पहले इस खत्ते में 4 जून से 8 जून तक आग लगी रही थी और दमकल की करीब 200 गाड़ियों ने यह आग बुझाई थी। बृहस्पतिवार की शाम आग बुझने के बाद निगमायुक्त और उनकी टीम ने यहां का निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों, पर्यावरण के लिए काम करने वाले संगठन क्लीन एयर भारत, सिटिजन फॉर क्लीन एयर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सीएक्यूएम, जिला प्रशासन से इसकी जांच की मांग की है। लोगों की मांग है कि वहां लगे जीएमडीए के सीवीटीवी कैमरे से जांच की जाए कि यहां बार-बार आग कैसे लग रही है। क्लीन एयर भार संगठन की प्रतिनिधि रुचिका सेठी टक्कर ने बताया प्लास्टिक जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं जब यहां करीब 15 घंटे तक निकलता रहा। काला धुआं पूरे क्षेत्र में फैला था। इस दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के किसी भी अधिकारी ने आकर आस-पास के इलाके के लोगों को आगाह नहीं किया कि वे अपने घरों से बीमारों, हृदय, दमा रोगियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को यहां से निकालें ताकि इसके कारण किसी संकट में न पड़े। इस तरह की आग हेल्थ इमर्जेंसी है, ग्रेप में कई तरह के नियम लागू होते हैं, यहां तो सीधे तौर पर लोगों का दम घुट रहा है।