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ED Raid: छत्तीसगढ़ PAC भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई, रिटायर्ड IAS के घर छापा

अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग भिलाई Updated Wed, 03 Jun 2026 01:47 PM IST

छत्तीसगढ़ के चर्चित पीएससी भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आज सुबह रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर ईडी ने छापेमार कार्रवाई की। ईडी की टीम दो गाड़ियों में उनके सेक्टर-10 स्थित निवास पहुंची है और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इन अधिकारियों पर पेपर लीक करने और चयन प्रक्रिया में धांधली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप अपने रिश्तेदारों और रसूखदारों के करीबियों को अनुचित लाभ पहुंचाने से संबंधित हैं। इस मामले की सीबीआई जांच भी पहले से चल रही है। सीबीआई ने बताया कि साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं। 

आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपये एक एनजीओ को दिए गए। इस एनजीओ की अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। इन पैसों के बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए थे।

प्रश्नपत्र लीक और धांधली
सीबीआई का यह भी आरोप है कि परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक इसमें शामिल थीं। डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर ने भी इसमें भूमिका निभाई। उन्होंने अध्यक्ष के निर्देश पर उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। श्रवण गोयल ने आगे यह प्रश्नपत्र अपने रिश्तेदारों को दिए।

चयनित पदों पर रिश्तेदार
घोटाले के तहत टामन सिंह सोनवानी के भतीजों का चयन हुआ। उनका चयन डिप्टी कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर हुआ। कुछ का चयन डिप्टी पुलिस अधीक्षक पद पर भी हुआ। यह सब चयन प्रक्रिया में हुई धांधली का हिस्सा माना जा रहा है।

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