बिलासपुर दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने धान खरीदी, हाथी-मानव द्वंद्व और नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंत्री ने धान खरीदी को सुचारू बताते हुए सरकार के वादे पूरे करने का दावा किया। वहीं नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा।
मीडिया से बातचीत में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार ने किसानों से 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।हाथी-मानव द्वंद्व पर मंत्री ने कहा कि वन विभाग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर लगातार निगरानी कर रहा है। हाथियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। पहले करीब 200 हाथी थे, जो अब 450 से अधिक हो गए हैं। ऐसे में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष रोकने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। कांकेर में भालू के हमले की घटना पर भी उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाती है।
वहीं नक्सलवाद को लेकर मंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन नक्सली विचारधारा से जुड़े लोगों पर भी नजर जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस की नीतियों के कारण प्रदेश और देश में नक्सलवाद बढ़ा। मंत्री ने कहा कि अब नक्सलवाद खत्म होने के बाद उसके समर्थक अलग-अलग स्तर पर आवाज उठा रहे हैं।
मंत्री केदार कश्यप ने धान खरीदी को लेकर सरकार के वादे पूरे होने का दावा किया। वहीं हाथी-मानव द्वंद्व रोकने तकनीक के इस्तेमाल और नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। अब इन बयानों पर सियासत गरमाने के आसार हैं। वहीं बिलासपुर दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने जिला सहकारी बैंक में अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी ली। बैठक में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने,किसानों की समृद्धि और धान खरीदी की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। मंत्री ने बैंक के कामकाज की भी जानकारी ली।
मीडिया से बातचीत में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिला सहकारी बैंक की समीक्षा की गई है और अध्यक्ष रजनी सिंह के नेतृत्व में अच्छा काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मंत्री ने बताया कि बिलासपुर संभाग में धान खरीदी को लेकर करीब 8 लाख 20 हजार किसान पंजीकृत हैं। सहकारी समितियों में सदस्यता बढ़ाने और किसानों को अधिक से अधिक सहकारिता से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है।इसके साथ ही जमीनी स्तर पर सहकारिता के जरिए मत्स्य पालन और वन उपज के विकास को बढ़ावा देने की तैयारी है। सरकार का फोकस किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने पर है।