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Satta Ka Sangram: बेगूसराय की जनता के बीच 'सत्ता का संग्राम', लोगों ने बताया अपना मूड | Bihar Election 2025

Video Updated Fri, 24 Oct 2025 12:11 PM IST

बिहार की राजनीति में इस वक्त चुनावी तापमान अपने उफान पर है। हर दिन नए चेहरे, नए गठजोड़ और दिलचस्प सियासी कहानियां बेगूसराय की  गलियों में गूंज रही हैं। यही वो धरती है, जहां राजनीति सिर्फ की नहीं जाती बल्कि जी जाती है। अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ आज 24 अक्तूबर को पहुंचा है बेगूसराय में, जहां चौपालों में बहस जोरों पर है, नुक्कड़ों पर चर्चाओं का शोर है, और हर ज़ुबान पर बस एक सवाल “इस बार किसके साथ है बेगूसराय?” सुबह की चाय से लेकर शाम की पंचायत तक जनता का मूड लगातार बदल रहा है। तो आइए, चलते हैं उन गलियों में, जहां से तय होगी सत्ता की नई कहानी  सिर्फ ‘सत्ता का संग्राम’ पर। 
चाय पर चर्चा के दौरान एक युवा महागठबंधन समर्थक ने कहा कि बिहार की सियासत महागठबंधन की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि बेगूसराय की सभी सात विधानसभा सीटों पर महागठबंधन की जीत तय है। उनका कहना था कि राहुल गांधी का मिशन सिर्फ बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है। महागठबंधन के नेताओं ने जनता का दुख-दर्द समझा है और लोगों से जुड़ने का काम किया है। हमारे नेता तेजस्वी यादव हैं, यह हम शुरू से मानते आए हैं। अब इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो गई है। विपक्ष को हमने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करके करारा जवाब दिया है। बेगूसराय जिले की सभी सात सीटों पर महागठबंधन की जीत होगी। ऐसा कहना है एक अन्य महागठबंधन समर्थक का। उनका कहना है कि यहां अमिताभ भूषण के सामने कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी कुछ भी बोल देते हैं। कभी कहते हैं कि तीन दिन में विश्वविद्यालय बनाएंगे, तो कभी हर सप्ताह ‘विक्रांत’ बनाने की बात करते हैं। लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। तेजस्वी यादव ने जो कहा, वह करके दिखाया है। शिक्षकों की बहाली कराई गई है और जनता से किए वादे पूरे किए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले 20 वर्षों से बिहार में भाजपा और जदयू की सरकार रही है, लेकिन कोई खास काम नहीं हुआ। हमारा नेता तेजस्वी यादव ही है।”

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