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Udham Singh Nagar News: हमलावर हुए कुत्ते, 34 लोगों को नोचा

Sat, 25 Oct 2025 01:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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रुद्रपुर। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। रोज कुत्ते के काटने के 20-25 मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को कुत्ताें ने 34 लोगों को नोचा जिन्हें परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां लोगों को जख्म पहुंचाने में बिल्ली और बंदर भी पीछे नहीं हैं।
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शुक्रवार को कुत्ते के काटने से जख्मी होकर जिला अस्पताल पहुंचे तो चार लोगों को बिल्लियों ने भी काटा था। इन लोगों को जिला अस्पताल ने रेबीज कक्ष में नर्सिंग अधिकारी निशा रावत और अन्य नर्सों ने वैक्सीन लगाई।
नर्सेज अधिकारी ने बताया कि बीते सितंबर में कुत्ते के काटने के 668 मामले सामने आए थे। बिल्ली के 20, बंदर के काटने के 14 मामले सामने आए थे। उससे पहले अगस्त में कुत्ते के काटने के 791, बिल्ली के 14, बंदर के 10, जुलाई में कुत्ते के 734, बिल्ली के 32, बंदर के काटने के 32 केस आए थे।
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जिला अस्पताल के औषधि भंडार के प्रभारी चीफ फार्मासिस्ट एनपी आर्या ने बताया कि स्टॉक में 51 रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं। एक वैक्सीन चार लोगों को लगाई जा सकती है। कुत्ते के काटने के मामले बढ़ने के कारण बाजार से रेबीज वैक्सीन खरीदी जा रही है। अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके सिन्हा ने कहा कि रेबीज वैक्सीन की जरूरत के हिसाब से व्यवस्था की जा रही है। अवकाश के दिन भी इमरजेंसी कक्ष में टीके लगाए जा रहे हैं।
-कोट:
लावारिस कुत्तों को लगातार एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। एक साल में चार हजार से अधिक कुत्तों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। रेबीज के इंजेक्शन लगे कुत्तों के बांए कान में पहचान के लिए वी शेप का कट लगाया जा रहा है। - पीयूष रंजन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, रुद्रपुर


काशीपुर के सरकारी अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन का टोटा
काशीपुर। कुत्ता काटने के मामले बढ़ने के बावजूद एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में रेबीज इंजेक्शन का टोटा है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संदीप दीक्षित ने बताया कि औसतन प्रतिदिन 5 से 6 नए केस आते हैं। रेबीज इंजेक्शन का लगभग एक पखवाड़े से कमी चल रही है। महानिदेशालय रेबीज इंजेक्शन की डिमांड भेजी गई है। मांग की पूर्ति नहीं होने पर लोकल स्तर पर रेबीज इंजेक्शन खरीद कर इमरजेंसी केस में लगवाए जा रहे हैं। डॉ. दीक्षित ने बताया वर्तमान में रेबीज इंजेक्शन की मुख्यालय से सप्लाई नहीं आने के कारण इमरजेंसी केस में ही इंजेक्शन लगाया जा रहा है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगाें को दिक्कत हो रही है।
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