फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चमोली : विकास कार्यों पर खर्च होंगे 74.23 करोड़

Sun, 17 May 2026 06:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन


प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक
रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी

गोपेश्वर। जनपद चमोली के समग्र विकास को गति देने के लिए रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार रुपये की वार्षिक जिला योजना का अनुमोदन किया गया।
प्रभारी मंत्री ने योजनाओं को क्लस्टर आधारित तरीके से लागू करने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में लोनिवि, पेयजल, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा कल्याण विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किसानों को सब्सिडी पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने तथा फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चैन लिंक फेंसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग को कीवी उत्पादन के बड़े क्लस्टर विकसित करने और मार्केटिंग-पैकेजिंग व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। प्रभारी मंत्री ने पशुपालन को पहाड़ की अर्थव्यवस्था का गेम चेंजर बताते हुए ऑर्गेनिक फार्मिंग और रोजगार सृजन से जोड़ने पर बल दिया। इस मौके पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, दर्जाधारी हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, डीएफओ सर्वेश दुबे, जिला विकास अधिकारी केके पंत, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंसेट
लोक निर्माण विभाग के लिए सबसे ज्यादा बजट

जिला योजना के अंतर्गत लोनिवि के लिए सबसे अधिक बजट रखा गया है। विभाग के लिए सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 6.25 करोड़, राजकीय सिंचाई को 5.80 करोड़, लघु सिंचाई को 2.80 करोड़, पेयजल संस्थान के लिए 5.20 करोड़ तथा पेयजल निगम के लिए 2.40 करोड़ रुपये का परिव्यय स्वीकृत किया गया। इसी तरह पर्यटन विभाग को 5.10 करोड़, प्रादेशिक विकास दल को 4.70 करोड़, पशुपालन विभाग को 3.65 करोड़, कृषि विभाग को 4.80 करोड़ तथा उद्यान विभाग को 5.5 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। प्रारंभिक शिक्षा के लिए 4.30 करोड़ तथा माध्यमिक शिक्षा के लिए 4.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वन विभाग को 1 करोड़ रुपये तथा उरेड़ा को 1.60 करोड़ का प्रावधान किया गया। चिकित्सा विभाग में एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 2.88 करोड़, आयुर्वेद विभाग के लिए 70 लाख तथा होम्योपैथिक विभाग के लिए 11 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। वहीं सहकारिता विभाग के लिए 60 लाख रुपये तथा मत्स्य विभाग के लिए 85 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें