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दिगोली के बच्चों की मुश्किल सुबह: पढ़ने के लिए पार करना पड़ता है उफनता गधेरा, हर दिन जोखिम में जान

Mon, 17 Aug 2026 11:07 PM IST
Heera कमल कांडपाल

सार

दिगोली के 20-25 बच्चे हर दिन राजकीय इंटर कॉलेज भेटा पहुंचने के लिए उफनते भनारीग्वल गधेरे को पार करते हैं। मानसून में खतरा और बढ़ जाता है, लेकिन फिर भी पढ़ाई के सपने के लिए ये बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं। 
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कांडा के दिगोली में शिक्षकों की निगरानी में जान जोखिम में डालकर इस तरह स्कूल जाते विद्यार्थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हर सुबह स्कूल की ओर बढ़ते कदमों के साथ दिगोली के बच्चों का एक और इम्तिहान शुरू हो जाता है। कंधों पर बस्ता और आंखों में पढ़ाई का सपना लिए ये बच्चे जीआईसी भेटा पहुंचने से पहले उफनते भनारीग्वल गधेरे का सामना करते हैं।

मानसून में पानी बढ़ते ही यह गधेरा सिर्फ रास्ता नहीं खतरे की धारा बन जाता है। दिगोली के करीब 20 से 25 बच्चे रोज इसी गधेरे को पार कर राजकीय इंटर कॉलेज भेटा जाते हैं। उनके साथ खेतों की ओर जाने वाले किसान और पड़ोसी गांव भेटा के ग्रामीण भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

सामान्य दिनों में किसी तरह आवाजाही हो जाती है लेकिन बारिश के दौरान तेज बहाव के बीच रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। मूसलाधार बारिश शुरू होते ही अभिभावकों की चिंता बढ़ जाती है। कई बार भारी बारिश के कारण स्कूल में अवकाश घोषित होने पर वे बच्चों को घर से ही नहीं निकलने देते। जब बारिश अचानक शुरू होती है और बच्चे स्कूल में होते हैं तब उनकी सुरक्षित घर वापसी बड़ी चुनौती बन जाती है। कई बार बच्चों को सुरक्षित पार कराने के लिए ग्रामीणों को तेज बहाव में उतरकर मानव शृंखला बनानी पड़ती है। बच्चों का हाथ पकड़कर एक-एक कर सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया जाता है। बहाव बढ़ने पर यह कोशिश बच्चों के साथ उन्हें बचाने वालों के लिए भी जोखिम भरी हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि भनारीग्वल गधेरे पर सुरक्षित पैदल पुल नहीं होने से हर बरसात में यही स्थिति बनती है। वर्षों से समस्या के समाधान की मांग की जा रही है लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है।

 

जब से जीआईसी भेटा का संचालन शुरू हुआ है, तब से हमारे गांव के बच्चे इसी तरह जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को विवश हैं। हमने बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य से लेकर क्षेत्रीय विधायक तक को इस गंभीर जनसमस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हमारी सरकार और संबंधित विभाग से पुरजोर मांग है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए इस गधेरे पर तत्काल प्रभाव से पैदल पुल का निर्माण कराया जाए। -दीपा देवी, ग्राम प्रधान, दिगोली

मामला संज्ञान में आते ही इसकी गंभीरता को देखते हुए सीडीओ को पूरे विषय की जांच करने और भनारीग्वल गधेरे पर पैदल पुल के निर्माण के लिए तत्काल डीपीआर तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -अपूर्वा पांडेय, डीएम बागेश्वर

 

 

दिगोली के भनारीग्वल गधेरे में पुलिया का निर्माण सीएम घोषणा के तहत प्रस्तावित है। जल्द से जल्द पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट

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