कैंट-लहरतारा फ्लाईओवर के पिलर नंबर 74 के पास बने दो यू-टर्न पर शॉर्टकट के चक्कर में वाहन चालक गलत दिशा से निकलते हैं। इससे कमलापति चौराहा और इंग्लिशिया लाइन की ओर जाने वाले वाहन फंस जाते हैं और रोजाना जाम लगता है।
दूसरी वजह– लहरतारा आरओबी पर नियमों की अनदेखी
कैंसर अस्पताल और रेलवे कॉलोनी संपर्क मार्ग के पास यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता है। यहां रॉन्ग साइड चलने पर कोई रोक-टोक नहीं है। बड़े वाहन अचानक मोड़ लेते हैं और छोटे वाहन शॉर्टकट अपनाते हैं, जिससे फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति बनती है।
तीसरी वजह– बस स्टैंड और सड़क पर पड़ा मलबा
आरओबी से उतरते ही करीब 100 मीटर आगे सड़क पर निर्माण का मलबा पड़ा है, जिससे 20 फीट चौड़ी सड़क सिमटकर लगभग 15 फीट रह गई है। इसी स्थान पर निजी बस स्टैंड होने के कारण वाहनों की लंबी कतार लगती है और जाम और बढ़ जाता है।
बौलिया के पास मोड़ पर निर्माण विभाग द्वारा दो ट्रक गिट्टी गिरा दी गई है। यह मार्ग रोहनिया और फुलवरिया फोरलेन के लिए महत्वपूर्ण है। पहले से दबाव वाले इस मोड़ पर गिट्टी गिरने से आवागमन और अधिक प्रभावित हो गया है।
मलबा, कीचड़ और सिल्ट के दलदल में फंसा लहरतारा-कैंट मार्ग का ट्रैफिक
मलबा, कीचड़ और सिल्ट के दलदल में लहरतारा-कैंट मार्ग का ट्रैफिक फंस गया है। बगैर कार्ययोजना बनाए आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी की ओर से शुरू कराया गया काम जी का जंजाल बन गया है। यहां सड़क और डिवाइडर बनाया जा रहा है, जो आए दिन वाहनों के धक्के से टूट और बन रहे हैं। जगह-जगह मलबा पड़ा है। नाली निर्माण के अलावा नाला सफाई कर सिल्ट भी सड़क पर छोड़ दिया गया है। मलबा और मिट्टी के चलते कीचड़ भर गया है। मोहनसराय से मुगलसराय तक 31 किमी लंबी सिक्स लेन का निर्माण होना है। इसके बाधक बने निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। यह 194.40 करोड़ रुपये की योजना है। नगीना सांसद चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कार्रवाई न करने की मांग की थी।
सड़क चौड़ीकरण का काम बीते एक साल से रुका हुआ था, जिसे पूरा कराने के लिए तेज गति से कराया जा रहा है। यहां यातायात का दबाव काफी अधिक है, इस नाते थोड़ी दिक्कत है। जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। -केके सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी