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Varanasi Traffic Jam: तीन किलोमीटर सड़क पर 20 दिन से 11 घंटे जाम, 20 फीट सड़क पर फैला मलबा

Sat, 25 Apr 2026 01:54 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: निर्माण में लगी पोकलेन और जेसीबी मशीनें भी सड़क किनारे खड़ी होने के बजाय बीच मार्ग में खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे जाम और गंभीर हो जाता है।
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वाराणसी में ट्रैफिक जाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल कैंट-रोहनिया मार्ग पिछले 20 दिनों से रोजाना करीब 11 घंटे जाम की चपेट में है। कैंट क्षेत्र के पिलर नंबर 74 से बौलिया तक करीब तीन किलोमीटर का हिस्सा आधे-आधे घंटे पर जाम से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि इस दूरी को तय करने में लोगों को घंटों लग रहे हैं। दिन ही नहीं, देर रात एक बजे तक भी जाम की स्थिति बनी रहती है। रात में फ्लाईओवर पर रोजाना करीब 20 ट्रक फंस रहे हैं। इस वजह से अन्य वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है।

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करीब 20 फीट चौड़ी सड़क पर जगह-जगह निर्माण कार्य के कारण मलबा और गिट्टी फैली हुई है, जिससे रास्ता और संकरा हो गया है। कई स्थानों पर एक लेन की आधी सड़क तक वाहनों का कब्जा रहता है। निर्माण में लगी पोकलेन और जेसीबी मशीनें भी सड़क किनारे खड़ी होने के बजाय बीच मार्ग में खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे जाम और गंभीर हो जाता है। 

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से देर शाम तक वाहन रेंग-रेंग कर चलते हैं। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें और मरीज लेकर जा रहे वाहन समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो जाती है।
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लोगों का आरोप है कि निर्माण का मलबा सड़क पर रखने और दिन में निर्माण जारी रखने से आमजन को परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क से तत्काल मलबा हटाया जाए और निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। साथ ही, धूल से राहत के लिए पानी का छिड़काव भी कराया जाए।

पहली वजह– पिलर नंबर 74 के पास अव्यवस्थित यू-टर्न

कैंट-लहरतारा फ्लाईओवर के पिलर नंबर 74 के पास बने दो यू-टर्न पर शॉर्टकट के चक्कर में वाहन चालक गलत दिशा से निकलते हैं। इससे कमलापति चौराहा और इंग्लिशिया लाइन की ओर जाने वाले वाहन फंस जाते हैं और रोजाना जाम लगता है।

दूसरी वजह– लहरतारा आरओबी पर नियमों की अनदेखी
कैंसर अस्पताल और रेलवे कॉलोनी संपर्क मार्ग के पास यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता है। यहां रॉन्ग साइड चलने पर कोई रोक-टोक नहीं है। बड़े वाहन अचानक मोड़ लेते हैं और छोटे वाहन शॉर्टकट अपनाते हैं, जिससे फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति बनती है।

तीसरी वजह– बस स्टैंड और सड़क पर पड़ा मलबा
आरओबी से उतरते ही करीब 100 मीटर आगे सड़क पर निर्माण का मलबा पड़ा है, जिससे 20 फीट चौड़ी सड़क सिमटकर लगभग 15 फीट रह गई है। इसी स्थान पर निजी बस स्टैंड होने के कारण वाहनों की लंबी कतार लगती है और जाम और बढ़ जाता है।
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चौथी वजह– बौलिया के पास गिट्टी से मार्ग बाधित

बौलिया के पास मोड़ पर निर्माण विभाग द्वारा दो ट्रक गिट्टी गिरा दी गई है। यह मार्ग रोहनिया और फुलवरिया फोरलेन के लिए महत्वपूर्ण है। पहले से दबाव वाले इस मोड़ पर गिट्टी गिरने से आवागमन और अधिक प्रभावित हो गया है।
 
मलबा, कीचड़ और सिल्ट के दलदल में फंसा लहरतारा-कैंट मार्ग का ट्रैफिक
मलबा, कीचड़ और सिल्ट के दलदल में लहरतारा-कैंट मार्ग का ट्रैफिक फंस गया है। बगैर कार्ययोजना बनाए आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी की ओर से शुरू कराया गया काम जी का जंजाल बन गया है। यहां सड़क और डिवाइडर बनाया जा रहा है, जो आए दिन वाहनों के धक्के से टूट और बन रहे हैं। जगह-जगह मलबा पड़ा है। नाली निर्माण के अलावा नाला सफाई कर सिल्ट भी सड़क पर छोड़ दिया गया है। मलबा और मिट्टी के चलते कीचड़ भर गया है। मोहनसराय से मुगलसराय तक 31 किमी लंबी सिक्स लेन का निर्माण होना है। इसके बाधक बने निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। यह 194.40 करोड़ रुपये की योजना है। नगीना सांसद चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कार्रवाई न करने की मांग की थी।
 

सड़क चौड़ीकरण का काम बीते एक साल से रुका हुआ था, जिसे पूरा कराने के लिए तेज गति से कराया जा रहा है। यहां यातायात का दबाव काफी अधिक है, इस नाते थोड़ी दिक्कत है। जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। -केके सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

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