इसे पहनने के बाद एक आलिम की जिम्मेदारी अपने मजहब और कौम के लिए कई गुना बढ़ जाती है। मुश्तहिद का दर्जा इमानिया अरबिया कॉलेज के मौलाना अमीन बताते हैं कि वरिष्ठ उलेमा यानी मुश्तहिद की मान्यता ईरान से ही मिलती है। मुश्तहिद वह आलिम होता है जो इस्लामी कानूनों की तशरीह यानी व्याख्या करने और नए मसलों पर शरीयत की रोशनी में अपना नजरिया रखने की काबिलियत रखता है। मौलाना अमीन ने 2002 से 2012 तक ईरान में रहकर पर्शियन लैंग्वेज में एमए और इस्लामिक थियोलॉजी (धर्ममीमांसा) में पीएचडी की है।
एमबीबीएस और इंजीनियरिंग पढ़ाई के लिए यहां से जाते हैं छात्र
माैलाना अमीन के मुताबिक ईरान सिर्फ मजहबी ही नहीं बल्कि एकेडमिक कोर्स का भी एक बड़ा केंद्र है। वहां की यूनिवर्सिटी और काॅलेज में यूपी और अन्य प्रदेश के छात्र वहां एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, एमबीए की डिग्री लेने जाते हैं। इसके अलावा अरबी और परशियन लैंग्वेज में भी यहां के कई छात्र एमफिल और पीएचडी कर रहे हैं। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई खास ताैर पर यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान और शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलाॅजी में होती है।