आईएमएस बीएचयू में मेडिकल छात्रों की ओर से 19 से 21 अगस्त तक आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। इसके तहत श्रीरामचरित मानस पर आधारित शिवकथा भी होगी। आईएमएस के केएन उडुप्पा सभागार में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
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उधर, हृदय रोग विभाग के प्रो. ओमशंकर ने आईएमएस में इस तरह के आयोजन पर आपत्ति जताई है। प्रो. ओमशंकर ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट लिखकर विरोध जताया। लिखा है कि किसी व्यक्ति या विद्यार्थियों के समूह की धार्मिक आस्था पर प्रश्न उठाना न तो उचित है और न ही संविधान की भावना के अनुरूप है। हर विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी को अपनी धार्मिक आस्था रखने, पूजा करने और धार्मिक गतिविधियों में स्वेच्छा से भाग लेने का अधिकार है।
इस बारे में पूछे जाने पर प्रो. ओमशंकर का कहना है कि असली सवाल शिवकथा या हिंदू धर्म का नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक, केंद्रीय और राज्य-वित्तपोषित शिक्षण और चिकित्सा संस्थान के परिसर, संसाधनों और संस्थागत पहचान के उपयोग का है।